बच्चों के हितों को ले सरकार प्रतिबद्ध - पाठक

बच्चों के हर अधिकार पर हुआ गहन मंथन

बच्चों के हितों को ले सरकार प्रतिबद्ध - पाठक

लखनऊ। राजधानी में बच्चों के अधिकार पर गहन मंथन किया गया। सोमवार को अन्तर्राष्ट्रीय बाल दिवस पर बच्चों के अधिकारों से जुड़े हर मुद्दे पर विचार विमर्श किया गया। पहली बार उत्तर प्रदेश में समागम समिट 2023 नाम से किये गये इस नवाचार के दौरान सरकार के साथ सिविल सोसाइटी और कार्पोरेट के प्रतिष्ठित प्रतिनिधि एक मंच पर बैठे तय किया कि समन्वित प्रयासों से सूबे में बच्चों के हालात बदले जाएंगे। आयोजन के दौरान बाल श्रम, बाल तस्करी, बाल विवाह, बाल स्वास्थ्य और बाल पोषण जैसे मुद्दों पर पैनल डिस्कसन के बाद ठोस कार्ययोजना भी तैयार की गयी। वहीं समागम समिट का शुभारंभ उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने किया।
 
उन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों के हितों के लिए सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है । समागम समिट का जो निष्कर्ष निकले उससे उन्हें अवश्य अवगत कराया जाए। जिससे बच्चों के हित में जो निष्कर्ष सामने आएंगे उनको लागू करने के लिए सरकार की नीतियों में परिवर्तन करना पड़ा तो वह भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ और बच्चों के लिए काम कर रहे स्वयंसेवी संगठनों के साथ बैठने के लिए भी सरकार हमेशा तैयार है ।
 
डिप्टी सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जन कल्याण के तमाम कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि कार्यक्रमों का ही असर है कि प्रदेश में मातृ शिशु मृत्यु दर को अपेक्षाकृत कम करने में सफलता हासिल हुई है । जन स्वास्थ्य की दिशा में अभी और भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं जिनमें यह समागम एक मार्गदर्शन की भूमिका निभाएगा । स्वयंसेवी संगठनों की भूमिका की सराहना करते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि उनके सुझावों पर उनके साथ बैठ कर विचार किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना समेत केंद्र और प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत आज विश्व का नेतृत्व कर रहा है। कोविड का टीका हमारे अपने देश में तैयार किया गया और पूरा विश्व उससे लाभान्वित हुआ है । उन्होंने अन्तर्राष्ट्रीय बाल दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत की संस्कृति यही है कि बच्चों को सारी सुख सुविधाएं दी जाएं।
 
बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए बेहतर व्यवस्था पर जोर होगा।इसी क्रम में केंद्र सरकार में राज्य मंत्री कौशल किशोर ने समागम समिट को वर्चुअली संबोधित किया और कहा कि बच्चों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए जनांदोलन का माहौल बनाना होगा । उन्होंने श्रम मंत्री रहने के दौरान बाल श्रम रोकने के अपने प्रयासों की चर्चा की और कहा कि बच्चों के जीवन को सुरक्षित बनाने में सभी को मिल कर प्रयास करने होंगे । केंद्र सरकार द्वारा बच्चों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है जिससे बदलाव भी आ रहे हैं। साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग की राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने भी समिट को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों की सूरत बदली है। शिक्षा के साथ संस्कार पर जोर देने की आवश्यकता है जिसमें स्वयंसेवी संगठन अहम भूमिका निभा सकते हैं। सरकार अपना काम कर रही है और बदलाव ला रही है लेकिन सिविल समाज को भी अपनी भूमिका निभानी होगी।
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