गेमिंग जोन में आग का कहर, बच्चों में डर माहौल

-चिकित्सा संस्थान,होटल रेस्टोंरेंट,ट्रान्सफार्मर में आए दिन होती घटनाएं

गेमिंग जोन में आग का कहर, बच्चों में डर माहौल

-प्रचंड गर्मी ने बढाई सबंधित विभागों की मुश्किलें, संस्थानों में सतर्कता बेअसर -राजधानी में 15 गेमिंग जोन संचालित,दो चल रहे बंद,बाकी रिकॉर्ड के बाहर

लखनऊ। आसमान से बरसती आग ने लोगों का जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया है। जिसमें चिकित्सा संस्थानों से लेकर होटल रेस्टोरेंट,गेमिंग जोन,शापिंग मॉल,बिजली का आवागमन,ट्रान्सफार्मर,शॉर्ट सर्किट आए दिन होने की घटनाएं चर्चा का विषय बन गयी है। वहीं राजधानी में खुले गेमिंग जोन फायर सर्विस के दिशा निर्देशों का कितना अनुपालन कर रहे हैं, यह बखूबी गुजरात के राजकोट की घटना से देखा व समझा जा सकता है। जिसमें गेमिंग जोन का लुफ्त उठाने के लिए बच्चे उत्साहित रहते हैं और उन्हें अप्रिय घटना होने का कोई अंदेशा भी नहीं होता है,वह गेम का भरपूर आनंद लेने में लगे रहते हैं। वहीं राजकोट की घटना ने देश दुनिया को झकझोर के रख दिया है।

बताया जा रहा है कि जिस गेम जोन को संचालित किया जा रहा था उसने फायर की एनओसी भी नहीं ले रखी थी। जिसे गुजराज हाईकोर्ट ने मानव निर्मित आपदा का नाम दिया है। बताया जा रहा है कि उस गेमिंग जोन चलाने के लिए डीजल पेट्रोल कैन में भर रखा था जिससे आग और अपना भयंकर रूप ले लिया था। इन्हीं सब परिस्थितियों को देखते हुए राजधानी में गेमिंग जोन खोलने की अनुमति तो जारी कर दी गयी फिर भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कितने पर्याप्त संसाधन उपलब्ध है यह सब देखना और समझना जरूरी हो गया है जिससे इस प्रचंड गर्मी से बच्चों के उमंग को धूमिल कर सके।

इसके अलावा चिकित्सा संस्थानों में पीजीआई,केजीएमयू,डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल चिकित्सालय,भी आग लगने की घटनाओं से अछूते नहीं रहे है। जिसमें दिल्ली के न्यू बॉर्न बेबी केयर अस्पताल में फैली आग से सात बच्चों की जिंदगी ले ली है। जिसे आग को काबू करने के लिए फायर सर्विस की दर्जनों गाड़ियों के दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद काबू कर पाये ।

इन सभी घटनाओं को देखा जाए तो होटल रेस्टोरेंट में  लिवाना में फैली आग से व्यवस्था की पोल खुल गयी थी।  इससे यह साबित होता है कि जब आग की घटना होने पर ही शासन प्रशासन में तत्परता दिखाई देती है। यही तत्परता पहले से की जाए तो होने वाली अप्रिय घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है। ज्ञात हो कि गेमिंग जोन चलाने के लिए अग्निशमन विभाग से एनओसी लेनी होती है। जिसमें गेम मशीन को चलाने के लिए इलेक्ट्रिक या पेट्रोल का प्रयोग किया जाता है।

राजधानी में इन क्षेत्रों में संचालित गेम जोन..
फंचूरा बोलिंग एरिया,हेमलेस लूलू मॉल नियर शहीद पथ,स्काई जम्पर विकल्प खंड गोमती नगर,फन अनलिमिटेड गेम द्वितीय तल क्राउन मॉल अयोध्या रोड चिनहट, 5 डी मोशन थिएटर जनेश्वर मिश्र पार्क,फन इन्टरटेनमेंट द्वितीय तल फिनिक्स पलासियो मॉल,टाइम जोन फिनिक्स पलासियो मॉल,सेवन टू मैड स्ट्रीट गेम जोन वेब मॉल गोमती नगर ,मार्डन मस्ती प्रा.लि.तृतीय तल वन अवध मॉल गोमती नगर ट्रम्पलीन पार्क बेहसा कानपुर रोड सरोजनी नगर, हाउस आॅफ फियर्स सहारा मॉल हजरतगंज,गेम जोन सहारा मॉल दोनों बंद चल रहे हैं,9डी एनिमेशन हाउस सहारा मॉल ,हारर हाउस उमराव मॉल,बम्पर कार हाउस ,गेम आॅन उमराव मॉल,मस्ती जोन शालीमार मॉल नियर आलमबाग बस स्टैंड,फन सिटी फिनिक्स मॉल आलमबाग में स्थापित है। यह उन गेमिंग जोन की लिस्त है जिन्होंने अग्निशमन विभाग के द्वारा एनओसी ले रखी है।

---गेमिंग जोन कर्मियों को आग बुझाने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है और इसके लिए अन्य संस्थानों में युद्ध स्तर अभियान चलाया जा रहा है।
मंगेश कुमार
मुख्य अग्निशमन अधिकारी लखनऊ

 
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