विकलांगों की पेंशन तीन हजार करने की मांग को लेकर विकलांगों का संगोष्ठी का आयोजन हुआ

विकलांगों की पेंशन तीन हजार करने की मांग को लेकर विकलांगों का संगोष्ठी का आयोजन हुआ

डिसेबल्ड राइट फाउंडेशन के सचिव सह राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी अनुराग चन्द्र ने संगोष्ठी अध्यक्षता करते हुए कहा की सबसे पहले हम सब विकलांगों को जागरुक होकर अपने अधिकार और सरकार से मिलने वाली कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी को अपने अपने समूह में प्रचार प्रसार करना चाहिए। ताकि मिलने वाला लाभ सब कोई ले सके। अपने अपने अधिकार हनन पर मुखर हो विरोध करना चाहिए। साथ ही साथ विकलांगों और खासकर खिलाड़ियों को सुविधा एवं नौकरी देने के वायदे के बावजूद आज तक कोई कदम नहीं उठाया गया यद्यपि अन्य खिलाड़ियों ( जो विकलांग नहीं हैैं ) उनको सरकार नौकरी दे रही हैैं लेकिन विकलांग खिलाड़ियों की नौकरी प्रकिया में खेल संघ मानमानी का आरोप लगाते हुए क्रांतिकारी विकलांग साथियों को सरकार और खेल संघ से लोहा लेने के लिए जिला वार मेधावी खिलाड़ि व दिव्यांग साथियों का चिन्हित किया गया। आन्दोलन के रूप रेखा तैयार किया गया। 
 
वही हरियाणा से आए हुए राष्टीय खिलाड़ी राकेश राय ने कहा कि हम दिव्यांग लोग एक दुसरे को सहयोग करें तो अनुराग और संतोष दिव्यांग होते हुए भी पूरे दुनिया को बिना पैर के लांघ सकता हैैं। विकलांगों का पेंशन राशि अन्य प्रदेश की तरह 3000 रूपया प्रति माह मनवाना छोटी काम हैं। इनके लिए , इसके जिला से मुख्यालय तक आन्दोलन करना होगा। गूंगी बहरी सरकार को अपने संख्या बल के साथ ताकत का एहसास दिखान होगा। वहीं इस अवसर पर अनुराग चन्द्र, सन्तोष मिश्रा पिंटू यादव, गोपाल राय, मिंटू शर्मा, विकास सिंह , राकेश कुमार व रोहित आदि ने अपनी विचार जोरदार धारदार तरीके से रखा। 
 
वहीं दिव्यांग अधिकार संघ के सचिव रोहित खन्ना ने संगोष्ठी का धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि राज्य में अनेक ऐसे विकलांग खिलाड़ी हैं जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं विदेश में भी भारत का सर ऊंचा किया है कई पदक जीते हैं लेकिन उनकी सरकार से सुध नहीं ली जा रही हैैं। सरकार की उपेक्षा पूर्ण नीति और उदासीनता के बावजूद अनुराग चंद्र और संतोष कुमार मिश्रा दोनों खिलाड़ी अपनी आधिकार के लिए खुद संघर्ष कर रहे बहुत गर्व की बात है कि आप सबों के बीच में दोनों अपनी निजी अनुभव साझा किया इन से सिख लेती गैर दिव्यांग हम दिव्यांग को भी सिख लेकर अपने आधिकार हनन के विरोध में कमर कस के आन्दोलन के लिए तैयार रहना हैं। सभी प्रदेश से बिहार में सबसे कम 400 रूपया राशी दी जाती हैं। जबकि अन्य प्रदेष की तरह 3000 रूपया प्रति माह किया जाय। बिहार में जल्द लागू किया जाय नहीं तो जल्द ही होगा आंदोलन।
 
इस अवसर पर 12 जिला के विकलांग प्रतिनिधियो, सम्मानित खिलाडी गण के साथ ही साथ कई सम्मानित विकलांग जनों अनुराग खिलाड़ी , भैरव यादव, आशीष रोशन, परवीन खातून, मिश्रा जी, साथी कुमार, सूरत पासवान, मोहम्मद इकबाल जावेद अख्तर , सीमा, गणेश कुमार, सोनू कुमार, विद्यार्थी आनंद, दीपक भारद्वाज, पप्पू सिंह, खन्ना भाई जी अनुराग सिंह, बुला यादव ,मनोरंजन यादव के अलावे भारी संख्या में ऑनलाइन भी जुड़े विकलांग साथी।
 
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