दर्द हमको मिला वो संवरते रहे .............
शिवम साहित्यिक मंच के बैनर तले आयोजित कवि सम्मेलन में आपरेशन सिंदूर की कामयाबी को लेकर बही राष्ट्रीयता की धार
लालगंज,प्रतापगढ।आपरेशन सिंदूर की कामयाबी पर केन्द्रित कवि सम्मेलन में कवियों ने राष्ट्रीयता की धार को परवान चढाया है। सांगीपुर क्षेत्र के बाबा घुइसरनाथ धाम के समीपपूरे लछिमन डभियार गांव में शनिवार की शाम में शिवम साहित्यिक मंच के वैनर तले कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। कवि सम्मेलन में चोटी के साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं के जरियें आपरेशन सिंदूर की सफलता का जमकर बखान किया। देश के शौर्य गाथा से जुड़ी पक्तियों को सुनकर श्रोता भी राष्ट्रीयता के ओज में झूम उठे। वही कवि सम्मेलन में कवियों ने सामाजिक सद्भावना, राष्ट्रीय एकता व नैतिक मूल्यों में आ रही गिरावट को लेकर भी जागरूकता प्रदान की। अमेठी के पूर्व जिलाध्यक्ष रामप्रसाद मिश्र ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलन कर कवि सम्मेलन का शुभारम्भ किया। नवीन सुलतानपुरी की वाणी वंदना मनमोहक रही। कवि शीतला प्रसाद सुजान ने भ्रष्टाचार पर कुछ यूं प्रहार किया - जहां पे देखो वहीं दलालों चोरों के हैं राज वही श्रृगांर के मशहूर कवि नवीन सुलतानपुरी ने पढ़ा -दर्द हमको मिला वो संवरते रहे को सुनकर लोग वाह-वाह कर उठे। अमेठी के हेमंत शुक्ल ने जंग कोई कभी भी न हारा,आज अपनों से हारा पढ़ा । वरिष्ठ साहित्यकार चंद्रप्रकाश मंजुल ने हास्य व्यंग के जरिए विविध विषयों पर करारा प्रहार किया। वही ओजकवि अंजनी अमोघ, देवेन्द्रनाथ त्रिपाठी,सुधीर रंजन,डा राममूर्ति मिश्र,श्यामशंकर पांडेय, रमेश मिश्र,डा राममूर्ति मिश्र,वेनीमाधव मिश्र,अनूप त्रिपाठी,पवन मिश्र प्रखर की भी रचनायें लोगों को पसंद आई। मुख्य अतिथि राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी के प्रतिनिधि भगवती प्रसाद तिवारी ने साहित्य को राष्ट्र की चेतना का स्तम्भ कहा। विशिष्ट अतिथि रूरल बार के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञान प्रकाश शुक्ल व संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अनिल त्रिपाठी महेश ने भी साहित्य को देश व समाज की मजबूती का आधार स्तम्भ बताया । कवि सम्मेलन की अध्यक्षता आचार्य विद्याभूषण मिश्र व संचालन साहित्यकार एवं सयोजक कवि अखिलेश मिश्र ने किया । आयोजक पं0 प्रताप नारायण मिश्र शास्त्री ने साहित्यकारों को मंच की ओर से सम्मानित किया। आभार प्रदर्शन सहसंयोजक शैलेश मिश्र व नागेश मिश्र ने किया। इस मौके पर चेयरपर्सन प्रतिनिधि संतोष द्विवेदी, ,राणा सूबेदार सिंह, अरविंद मिश्र, डा अमिताभ शुक्ल, रामबोध शुक्ल, अशोकधर द्विवेदी, कमलेश मिश्र ,राज, आचार्य बृजबिहारी मिश्र, धनंजय मिश्र,शम्भूनाथ मिश्र,राजू पयासी, पप्पू पांडेय, रमाकांत मिश्र,मधुबनी अमरबहादुर सिंह, समाजसेवी संजय शुक्ल,आनंदप्रकाश त्रिपाठी, राजकुमार मिश्रा, डॉ0 वीपी यादव, पंकज शुक्ला, विनोद सिंह बघेल, सुरेश मिश्र मदन, प्रेम मिश्रा, सुनील सिंह, शिव करन चर्तुेवेदी,अभिषेक पाण्डेय, मुकेश तिवारी, सुमित वत्सल, शत्रुधन पाण्डेय, दिनेश सिंह,श्रीधर तिवारी आदि मौजूद रहे।
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