राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दिन देश भर में 1000 स्पेशल ट्रेनें

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दिन देश भर में 1000 स्पेशल ट्रेनें

अयोध्या। श्रद्धालुओं को रामलला के दर्शन कराने के लिए देश के कोने-कोने से अयोध्या के लिए 1000 विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी। ये जानकारी रेलवे बोर्ड की चेयरमैन जया वर्मा सिन्हा ने दी। वे बुधवार को रामनगरी पहुंचीं और अयोध्या, रामघाट हाल्ट और गोंडा जिले के कटरा रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा से पहले देश के विभिन्न स्थानों से स्पेशल ट्रेनें चलाने की योजना है। ये ट्रेनें 19 जनवरी से अयोध्या के लिए रवाना होंगी। 

इनका संचालन करीब सौ दिनों तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि मांग के अनुसार ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। यदि कहीं ट्रेनें फुल हो गई हैं और वहां अयोध्या आने वालों की संख्या ज्यादा है तो दूसरी विशेष ट्रेन की व्यवस्था की जाएगी। जया वर्मा ने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा समारोह के मद्दनजर रेलवे रामनगरी के आसपास के स्टेशनों को सजाने-संवारने में जुटा है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के प्रस्तावित कार्यक्रम में दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बंगलुरु, पुणे, कोलकाता, नागपुर, जम्मू,पंजाब व हरियाणा सहित कई स्थानों से हजारों श्रद्धालु आएंगे। उन्हें कोई परेशानी न हो इसके लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं।

रामनगरी में अलग-अलग भाषाओं में लगेंगे संकेतक
रामनगरी में श्रद्धालुओं की भीड़ तेजी से बढ़ रही है। रोजाना 50 हजार श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं। राममंदिर के उद्घाटन के बाद यह संख्या दो से तीन गुना बढ़ जाएगी। इसलिए श्रद्धालुओं के लिए तमाम सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। अयोध्या में पूरे देश से श्रद्धालु आ रहे हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रामनगरी में अलग-अलग भाषाओं में संकेतक लगाए जाएंगे। 

दक्षिण की तमिल, तेलुगू, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी भाषाओं में भी संकेतक होंगे। यह जानकारी एडीजी जोन पियूष मोर्डिया ने मंगलवार को अयोध्या दौरे के दौरान दिए हैं। प्रमुख मंदिरों की तरफ जाने वाले मार्गों को चिह्नित किया जा रहा है। यह भी निर्धारित किया जा रहा है कि जहां पर वाहनों के आने की आवश्यकता है, वहां वे इस प्रकार आएं कि अन्य लोगों का आना-जाना बाधित न हो। मार्गों की आवश्यकता के अनुरूप प्लान तैयार किया जा रहा है। कुछ मार्गों पर ई-रिक्शा को बैन भी किया जाएगा।

 

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‘तरुणमित्र’ श्रम ही आधार, सिर्फ खबरों से सरोकार। के तर्ज पर प्रकाशित होने वाला ऐसा समचाार पत्र है जो वर्ष 1978 में पूर्वी उत्तर प्रदेश के जौनपुर जैसे सुविधाविहीन शहर से स्व0 समूह सम्पादक कैलाशनाथ के श्रम के बदौलत प्रकाशित होकर आज पांच प्रदेश (उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तराखण्ड) तक अपनी पहुंच बना चुका है। 

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