गैर संचारी रोगों में सबसे अधिक अस्थमा के मरीज- डॉ.वेद

पल्मोनरी विभाग में स्वाथ्य विशेषज्ञों ने साझा की जानकारी

गैर संचारी रोगों में सबसे अधिक अस्थमा के मरीज- डॉ.वेद

केजीएमयू में आज विश्व अस्थमा दिवस का होगा आयोजन,कुलपति प्रो.सोनिया नित्यानंद,दिगम्बर बेहरा,एनएचएम निदेशक डॉ.पिंकी जोवेल होंगी शामिल

लखनऊ। गैर संचारी रोगों में सबसे अधिक अस्थमा के रोगी हैं। विश्व स्तर पर करीब 30 करोड़ व्यक्ति अस्थमा से ग्रसित है। अस्थमा में प्रतिवर्ष करीब 4.5 लाख लोगों की मौत अस्थमा से हो रही है। सोमवार को केजीएमयू पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर मेडिसिन में विश्व अस्थमा दिवस की पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ.वेद प्रकाश प्रो.राजन्द्र प्रसाद,प्रो.सुमित रूंगटा, प्रो.पारूल वर्मा प्रो.सुनील कुमार ने प्रेसवार्ता के दौरान संयुक्त रूप जानकारी दी। प्रो.वेद प्रकाश ने कहा कि दमा रोग की शिक्षा से सशक्ति करण थीम के तहत जागरूक किया जा रहा है। जिससे दुनिया भर में बढते अस्थमा बीमारी पर नियंत्रण किया जा सके।

उन्होंने कहा कि अस्थमा पुरूषों से अधिक महिलाओं में पाया जा रहा है और बच्चों में होने वाली क्रानिक बीमारियों में सबसे मुख्य कारण अस्थमा है। डॉ.वेद ने कहा कि दुनिया भर में करीब 14 फीसदी बच्चे अस्थमा से ग्रसित हैं। भारत में गैर संचारी रोग से होने वाली मृत्यु में करीब 10 फीसदी लोग अस्थमा से ग्रसित होते हैं। इसमे वायु प्रदूषण जागरूकता की कमी महत्वपूर्ण कारण माना जा सकता है। उन्होंने बताया कि आज यानि मंगलवार को कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानन्द, मुख्य अतिथि प्रो. दिगम्बर बेहरा, भूतपूर्व डायरेक्टर, पीजीआई, एनएचएम पिंकी जोयल,डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, प्रो.अपजीत कौर, प्रो. अमीता जैन, प्रो. सूर्यकान्त, प्रो.वेद प्रकाश, प्रो. आलोक नाथ द्वारा विश्व अस्थमा दिवस कार्यक्रम का  उद्घाटन करेंगें। डॉ.वेद ने कहा कि विश्व अस्थमा दिवस हर वर्ष 7 मई को मनाया जाता है।

जिसमें हम अस्थमा एवं एलर्जी से ग्रसित रोगियों को होने वाली परेशानियों के बारे में विस्तृत चर्चा करते हैंं। साथ ही इस बीमारी को नियंत्रित करने के प्रयासो पर विचार करते है। वहीं प्रो.राजेन्द्र प्रसाद ने कहा कि 50 वर्षो से अस्थमा मरीजों का उपचार कर रहें हैं। अस्थमा रोगियों को समय से उपचार कराने से नार्मल जीवन व्यतीत कर सकते हैं। अस्थमा रोगियों को चिकित्सक के उपचार करने में मरीज को टीका टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि डॉक्टर मरीज को स्वस्थ करने के लिए उपचार करता है अधिकांश मरीज इन्हेंलर लेने से मना करते हैं। जबकि इन्हें अस्थमा का कारगर उपचार है। इससे शरीर में कम डोज जाने से इसका दुष्प्रभाव भी कम होता है। उन्होंने कहा कि स्टेराइड अस्थमा मुख्य दवाओं में से एक है। प्रो.राजेन्द्र ने कहा कि पहले एमबीबीएस क्लासेज में अस्थमा की शिक्षा नहीं दी जाती थी। इसलिए सबसे पहले तो शिक्षा जरूरी है।

  • अस्थमा, एलर्जी के लक्षणों में..
    एलर्जिक रायनाइटिस- इससे रोगियों को जुकाम, खासी, नाक बंद होना, आँखों से पानी आना, गले में खुजली के लक्षण होना अस्थमा हो सकता है। इसे देर न करें और अपने नजदीक  स्वास्थ्य केन्द्र पर जाकर चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।
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