भाजपा नेता छैल बिहारी के आपराधिक मानहानि मामले की सुनवाई टली

भाजपा नेता छैल बिहारी के आपराधिक मानहानि मामले की सुनवाई टली

नई दिल्ली। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने भाजपा नेता छैल बिहारी गोस्वामी की ओर दाखिल आपराधिक मानहानि के मामले की सुनवाई टाल दी है। एडिशनल चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट दिव्या मल्होत्रा ने मामले की अगली सुनवाई 24 जनवरी 2024 को करने का आदेश दिया है। आज कोर्ट में शिकायतकर्ता और बीजेपी नेता छैल बिहारी का क्रास-एग्जामिनेशन होना था और वे कोर्ट में पेश हुए। आज कोर्ट को बताया गया कि इस मामले के आरोपित सत्येंद्र जैन को जारी समन के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है, जिसकी अगली सुनवाई जनवरी 2024 के दूसरे हफ्ते में होनी है। उसके बाद कोर्ट ने छैल बिहारी का क्रॉस-एग्जामिनेशन टाल दिया।

आज इस मामले के आरोपितों सत्येंद्र जैन, राघव चड्ढा, दुर्गेश पाठक, सौरभ भारद्वाज और आतिशी मार्लेना पेश नहीं हुए। इन आरोपितों ने आज कोर्ट में पेशी से छूट की मांग की जिसे कोर्ट ने मंजूर करते हुए सुनवाई की अगली तिथि को पेश होना सुनिश्चित करने का आदेश दिया। 10 नवंबर 2022 को कोर्ट ने पांच आप नेताओं की आरोपों से बरी करने की मांग करने वाली याचिका खारिज कर दिया था। एडिशनल चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट विधि गुप्ता आनंद ने याचिका खारिज करते हुए कहा था कि आरोपितों को समन जारी किया जा चुका है, ऐसे में उस आदेश को वापस नहीं लिया जा सकता है।

कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के जिन नेताओं की आरोपों से बरी करने की मांग को खारिज कर दिया, उनमें सत्येंद्र जैन, आतिशी मार्लेना, राघव चड्ढा, दुर्गेश पाठक और सौरभ भारद्वाज शामिल हैं। दरअसल शिकायतकर्ता छैल बिहारी गोस्वामी ने आरोप लगाया है कि आगामी नगर निगम चुनाव जीतने के इरादे से आरोपित नेताओं ने आम जनता को गुमराह करने का काम किया है। शिकायत में आप नेताओं पर आरोप लगाया गया है कि वे कथित तौर पर शिकायतकर्ता और भाजपा के पार्षदों की नकारात्मक छवि बना रहे हैं। शिकायत में कहा गया है कि आप के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार बेईमान इरादे से और आगामी नगर निगम चुनावों में राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए तीनों निगमों को लगभग 13,000 करोड़ रुपये की राशि जारी नहीं कर रही है ताकि विकास कार्य नहीं किए जा सकें।

शिकायत में कहा गया है कि दुर्गेश पाठक ने अन्य आप नेताओं के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस किया, जिसमें गलत और भ्रामक बयान दिया। ये बयान मानहानि वाले हैं। शिकायतकर्ता के मुताबिक पाठक ने प्रेस कांफ्रेंस में दावा किया कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम में 1400 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार किया गया है और बीजेपी पार्षदों ने अवैध रूप से वसूली की है। उक्त बयान को आम आदमी पार्टी के फेसबुक पेज पर लाइव स्ट्रीम किया गया और समाचार पत्रों में प्रकाशित किया गया था।

 

 

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