ये पैसे न तो कांग्रेस के हैं और न ही उनके.

This money neither belongs to Congress nor theirs.

ये पैसे न तो कांग्रेस के हैं और न ही उनके.

kjhiu इनकम टैक्स : कांग्रेस सांसद धीरज साहू के ठिकानों पर हुई इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की रेड 3 दिन पहले खत्म हो चुकी है. इस छापेमारी में डिपार्टमेंट ने अब तक के इतिहास की सबसे बड़ी नकद जब्ती यानी 351 करोड़ रुपये बरामद किए. छापेमारी के बाद से धीरज साहू लगातार चुप्पी साधे हुए थे लेकिन शुक्रवार को  इस मामले में मुंह खोल दिया. मीडिया को अपना पहला रिएक्शन देते हुए उन्होंने रेड में पकड़ी गई नकद धनराशि को कांग्रेस या किसी राजनीतिक दल का होने से इनकार किया. उन्होंने दावा किया कि यह धनराशि उनकी भी नहीं है. 
'हम लोगों ने काफी विकास का काम किया'

धीरज साहू ने कहा, 'मैं सबसे पहले अपना बैकग्राउंड बता देता हूं. मैं पिछले 30-35 साल से सक्रिय राजनीति में हूँ. लेकिन, पहली बार ऐसी वारदात हुई है मेरे साथ जिससे मेरे दिल पर चोट पहुँची है. मैं चाहता था कि मुझ पर विवाद न खड़ा हो. लेकिन, आज विवाद हुआ है तो मैं अपना पक्ष रखना चाहता हूं.
मेरे बड़े भाई राजनीति में रहे हैं और हम लोगों ने काफ़ी विकास का काम किया है. मेरे पिताजी गरीबों की मदद करते थे और हमलोगों ने कॉलेज-स्कूल काफ़ी कुछ खोला है.' 
'हमारे पास कैश का हिसाब'
कांग्रेस सांसद ने कहा, 'मेरा शराब का कारोबार है, जिसे मेरे परिवार और रिश्तेदार करते हैं. आपको भी पता होगा कि शराब के कारोबार में कैश में ही लेनदेन होता है. मेरी फर्म 100 साल से ज़्यादा समय से कारोबार कर रही है. ये जो पैसा पकड़ा गया है, ये उसी का है. इसका कांग्रेस पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है. हमारे पास इसका हिसाब है और जब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की तरफ़ से कहा जाएगा, हमारे परिवार के लोग हिसाब देंगे. इनकम टैक्स बताएगा कि ये काला धन है या नहीं.'
'बरामद पैसा मेरी फर्म का'
धीरज साहू ने कहा, वह कहते हैं, '...आज जो हो रहा है वह मुझे दुखी करता है. मैं स्वीकार कर सकता हूं कि जो पैसा बरामद किया गया है वह मेरी फर्म का है. जो नकदी बरामद की गई है, वह मेरी शराब फर्मों से संबंधित है. यह शराब की बिक्री से कमाया गया था.'
'कांग्रेस का कोई लेना-देना नहीं'
कांग्रेस के साथ संबंधों से इनकार करते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा, 'इस पैसे का कांग्रेस या किसी अन्य राजनीतिक दल से कोई लेना-देना नहीं है जैसा कि कहा जा रहा है. यह सारा पैसा मेरा नहीं है. मेरा परिवार काफी बड़ा है. यह मेरे परिवार और अन्य संबंधित फर्मों का है. अब आयकर ने छापा मारा है तो मैं हर बात का हिसाब दूंगा.' 

'मैं बिजनेस लाइन में नहीं हूं'
नकदी के कालाधन होने के भाजपा के आरोप पर वह कहते हैं, 'मैं पहले ही कह चुका हूं कि यह पैसा मेरे परिवार की व्यावसायिक कंपनियों का है. आयकर विभाग का पक्ष आने दीजिए चाहे यह 'काला धन' हो या ' 'सफेद धन'. मैं बिजनेस लाइन में नहीं हूं. इसका जवाब मेरे परिवार के सदस्य देंगे. 
'जल्दबाजी के बजाय इंतजार करें'
कांग्रेस सांसद ने कहा, 'मुझे नहीं पता कि लोग इस मामले को कैसे देख रहे हैं. लेकिन मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि इस पैसे का कांग्रेस या किसी अन्य राजनीतिक दल से कोई लेना-देना नहीं है.' उन्होंने कहा कि अभी इनकम टैक्स विभाग घोषित रूप से नहीं कहा है कि रेड में मिला पैसा गैर-कानूनी है. ऐसे में जल्दबाजी करने के बजाय इंतजार किया जाना चाहिए. 
'जनता का पैसा वापस लौटाना पड़ेगा'
कांग्रेस सांसद धीरज साहू के ठिकानों पर छापेमारी पर पीएम मोदी ने हाल में कांग्रेस पर हमला बोला था. सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट लिखकर पीएम मोदी ने कहा था, 'देशवासी इन नोटों के ढेर को देखें और फिर इनके नेताओं के ईमानदारी के 'भाषणों' को सुनें. जनता से जो लूटा गया है, उसकी पाई-पाई लौटानी पड़ेगी, यह मोदी की गारंटी है.'

आयकर विभाग की सबसे बड़ी रेड
बताते चलें कि धीरज साहू कांग्रेस सांसद होने के साथ शराब के बड़े कारोबारी भी हैं. आयकर विभाग ने भुवनेश्वर बेस्ड कंपनी बौद्ध डिस्टिलियरी प्राइवेट लिमिटेड (BDPL) पर छापेमारी शुरू की थी. रेड की यह आंच रांची में धीरज साहू के संयुक्त पारिवारिक आवास पर पहुंच गई थी, जिसमें उसे 351 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए थे. इस नकदी को गिनने के लिए कई बैंकों के कर्मचारियों को काम पर लगाना पड़ा था और साथ ही कई मशीनें इस काम में लगाई गई. 
 

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