नियमों को ताक पर रख लाइनमैन से जेई पद पर चयन का आरोप

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन में टेक्निकल ग्रेड दो से जेई पदोन्नति में नियमों को दरकिनार कर लाइनमैन को जेई पर पदोन्नति करने का आरोप लगाया गया है। इससे कर्मचारियों का कहना है कि इसमें गड़बड़झाला है। इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। । टीजी 2 कैडर का मुख्य संघ राज्य विद्युत परिषद प्राविधिक कर्मचारी संघ ने इसकी जांच के लिए ऊर्जा मंत्री और मुख्यमंत्री को भी पत्र भेजा है।

कर्मचारी संघ राज्य कमेटी सदस्य राजीव गुप्ता ने आरोप लगाया कि टीजी 2 से जेई पदोन्नति के लिए दस वर्ष पूर्ण किए कर्मियों में से एक रिक्त पद के सापेक्ष तीन योग्य कार्मिकों को शामिल कर पात्रता सूची बनाने का नियम है। तत्पश्चात अभिलेखों की जांच कर उच्च मेरिट धारियों को ( आई टी आई 35 मार्क, हाई स्कूल 30मार्क और प्रत्येक अनुभव वर्ष 1 मार्क)रिक्त पद पर चयन किया जाता है।

इसके बावजूद पावर कारपोरेशन के मुख्य अभियंता जल विद्युत के अधिकारियों ने अपने चहेतों को पदोन्नति दिलाने के लिए मृत ,रिटायर ,पूर्व से असहमत व शैक्षणिक योग्यता शून्य को शामिल करते हुए पात्रता सूची को 451 पदों के सापेक्ष 1353 का कोरम पूरा कर लिया, जिससे पूरे पात्रता सूची में 40 प्रतिशत कोटे में मात्र 302 कर्मियों के ही सही अभिलेख प्राप्त हुए और बिना किसी प्रतियोगिता के उतने कार्मिकों का चयन हो गया। विभाग का पत्रांक 530के अनुसार योग्यता के अनुरूप चयन का प्राविधान मात्र कोरा कागज के रूप में रह गया ।

इस अनियमित तरीके से की गई पदोन्नति के विरुद्ध विभिन्न संघों ने आपत्ती दर्ज कराई है। टीजी 2 कैडर का मुख्य संघ राज्य विद्युत परिषद प्राविधिक कर्मचारी संघ के केंद्रीय अध्यक्ष चंद्रभूषण उपाध्याय ने बताया कि कारपोरेशन के अध्यक्ष को इस पर आपत्ती दर्ज कराई गाई है और पूरा विश्वास है कि चेयरमैन न्याय के प्रति विश्वास की उम्मीद को खत्म नहीं होने देंगे और योग्य कार्मिकों को अवश्य न्याय मिलेगा।

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