होली से पहले गौशालाओं में बनना शुरू होगी गो-काष्ठ

गोबर से गो-काष्ठ बनाकर आत्मनिर्भर बनेगीं गौशालाएं

होली से पहले गौशालाओं में बनना शुरू होगी गो-काष्ठ

बरेली। गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाए जाने और होली पर होलिका दहन के अवसर पर वृक्षों की अनावश्यक कटाई रोकने के उद्देश्य से डीएम रविन्द्र कुमार ने जिले की गौशालाओं में गो-काष्ठ  बनाए जाने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि जिले की चार गौशालाओं में गो-काष्ठ बनाए जाने की मशीने लगी हुई हैं, लेकिन वर्तमान में सभी मशीनें बंद पड़ी हैं। ब्लॉक फतेहगंज पश्चिमी के रफियाबाद गौशाला में दो, नवाबगंज के अधकटा नजराना गौशाला में एक तथा एक मशीन भुता के चुटिया फैजुल गौशाला में लगी हुई है। चारों मशीनों को तुरंत चालू कराने का लेकर डीएम रविन्द्र कुमार ने डीपीआरओ को निर्देश दिए हैं। बता दें कि इस बार होली का दहन गोबर से निर्मित गो-काष्ठ से कराए जाने की तैयारी की जा रही है। जिसमें गोबर से निर्मित लकड़ियों सहित लोंग व कपूर का भी उपयोग होगा। गो-काष्ठ से होली जलाई जाने पर इस हवन रूपी होली का दहन से पर्यावरण शुद्ध होगा। साथ ही गौशालाओं को प्रत्यक्ष रूप से सहयोग भी प्राप्त होगा। गो-काष्ठ देखने में हल्की लेकिन अंदर से ठोस होती है। साथ ही लकड़ियों के मुकाबले सस्ती भी होती है। डीएम के इस प्रयास से जहां गौशालाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, तो वहीं पर्यावरण को भी फायदा पहुंचेगा।
 
 
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