पीड़ित दुकानदार ने कंपनी संचालकों पर कराया मुकदमा दर्ज

 

बदायूं। मूसाझाग क्षेत्र में एक दुकानदार के साथ धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। एक निजी कंपनी के लोगों ने दुकानदार को झांसा देकर उससे लाखों रुपये जमा करा लिए और उसके पास दूसरा माल भेज दिया। दुकानदार ने जब विरोध जताया तो संबंधित ने उसे धमकी दी। पीड़ित ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर आरोपियों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

मूसाझाग थाना क्षेत्र के गांव गोविंद नगला निवासी प्रदीप कुमार शाक्य पुत्र राजवीर शाक्य ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि वह मूसाझाग की न्यू बस्ती में आस्था इंटरप्राइजेज खाद एवं बीज भंडार के नाम से दुकान चलाते हैं। उनकी दुकान थाने से कुछ दूरी पर है। 24 जुलाई 2022 दोपहर लगभग दो बजे बिल्सी क्षेत्र के गांव बांस बरौलिया निवासी अरविंद कुमार उर्फ सोनू पुत्र चंद्रपाल, उनकी बहन नीलम, गांव बैरमई बुजुर्ग निवासी राजीव कुमार पुत्र श्यामबाबू उनकी दुकान पर आए। एक कंपनी मन्नत इंडिया मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कंपनी के प्रोडक्ट भी दिखाए। प्रदीप कुमार ने उनके प्रोडक्ट लेने से मना कर दिया। वह तीनों लोग प्रोडक्ट खरीदवाने का प्रयास करते रहे। उन्होंने कहा कि उनकी फर्म के पास जायम नाम का एक प्रोडक्ट है। जिसका प्रयोग खेत में करने से फसल दोगुनी तेजी से बढ़ती है। बाजार में इसकी बहुत मांग है। उन्होंने प्रदीप कुमार को कई फोटो और वीडियो दिखाए। वह उन तीनों की बातों में आ गए। तीनों ने कहा कि माल लेने के लिए ऑनलाइन रुपये जमा करने होंगे। कंपनी से दुकान पर माल पहुंच जाएगा। वह लोग 3-4 दिन बाद आने की बात कहकर चले गए। 29 जुलाई दोपहर 12 बजे कस्बा बिल्सी निवासी डॉ. नीरज अग्निहोत्री के साथ उनकी दुकान पर पहुंचे। प्रदीप कुमार ने कहा कि अगर माल में कोई शिकायत आती है तो रुपये वापस करने होंगे। वह चारों लोग मान गए। माल वापसी का आश्वासन दिया। उन लोगों ने एक लाख 50 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए। दुकान पर शील्ड माल आ गया। प्रदीप ने गोदाम में रखवा दिया। अगले दिन बिक्री के लिए खोला तो उसमें जायम की बजाय एमआईएफ, एल्फा, पारसजी बूस्टर आदि का माल भरा हुआ था। उन्होंने अरविंद कुमार को फोन करके शिकायत की। अरविंद ने कहा कि कंपनी ने गलती से दूसरा माल भेज दिया है। माल बदलवा देंगे। इसके बाद भी उन्होंने रुपये देने से मना कर दिया और फोन उठाना बंद कर दिया। शिकायत करने पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो वह कोर्ट की शरण में गए थे। कोर्ट के आदेश पर अरविंद कुमार उर्फ सोनू, नीलम, राजीव कुमार और डॉ. नीरज अग्निहोत्री के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है।

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