सेल्फी लेने आए फैन को पीटने पर नाना पाटेकर ने मांगी माफी

नाना पाटेकर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें दिख रहा है कि उन्होंने सेल्फी लेने आए एक फैन के सर पर कैसे मारा। उनका वीडियो वायरल होने के बाद नेटिजन्स ने नाराजगी जाहिर की। ये भी कहा गया कि फैन के प्रति नाना का व्यवहार गलत था। ऐसे में इस पूरे मामले पर नाना ने खुद सफाई दी है। नाना पाटेकर ने कहा, “एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें मैं एक लड़के को मार रहा हूं। ये सीन हमारी फिल्म का ही हिस्सा है। हमने रिहर्सल की। एक रिहर्सल हो चुकी थी, फिर डायरेक्टर ने दोबारा रिहर्सल करने को कहा। हम जैसे ही चलने वाले थे, तभी इस वीडियो में दिख रहा लड़का वहां आ गया। मुझे नहीं पता था कि यह लड़का कौन है, मुझे लगा कि वह हमारी टीम से है। तो सीन के मुताबिक मैंने उसे मारा और अपना डायलॉग बोला। बाद में मुझे एहसास हुआ कि यह लड़का हमारी टीम से नहीं है।” फिर मैं उसे बुलाने जा रहा था, लेकिन वह भाग गया। हो सकता है कि उसके दोस्त ने यह वीडियो शूट किया हो।

उन्होंने आगे कहा, “मैंने कभी किसी को फोटो के लिए ना नहीं कहा। मैंने यहां भी हजारों तस्वीरें लीं, वाराणसी में घाटों पर बहुत भीड़ होती है। यह गलती से हुआ, मुझे नहीं पता कि यह कहां से आया, मैंने यह सोचकर रिहर्सल सीन शूट किया कि यह हमारी टीम का कोई लड़का है। अगर इस वीडियो से कोई गलतफहमी हुई हो तो मुझे खेद है, मैं कभी किसी को इस तरह नहीं मारता, मैंने आज तक ऐसा कभी नहीं किया है। लोग मुझसे बहुत प्यार करते हैं, इसलिए मैं ऐसा काम कभी नहीं करूंगा।”

नाना ने कहा, “मुझे लगा कि मैंने उसे मारा है, इसलिए मैंने टीम से उसे फोन करने और उससे माफी मांगने के लिए कहा। टीम ने उसे ढूंढने की काफी कोशिश की, लेकिन वह नहीं मिला। वह रिहर्सल के बीच में था, इसलिए उसने सोचा होगा कि ये लोग और मार सकते हैं, इसलिए वह भाग गया। वास्तव में मुझे खेद है, मैं कभी भी इस तरह का व्यवहार नहीं करता। घाटों पर भीड़ की शूटिंग के दौरान लोग काफी मदद करते हैं। नाना पाटेकर ने कहा, हम अगले 10-15 दिनों तक वहां शूटिंग करेंगे।

Tags:

About The Author

Tarunmitra Picture

‘तरुणमित्र’ श्रम ही आधार, सिर्फ खबरों से सरोकार। के तर्ज पर प्रकाशित होने वाला ऐसा समचाार पत्र है जो वर्ष 1978 में पूर्वी उत्तर प्रदेश के जौनपुर जैसे सुविधाविहीन शहर से स्व0 समूह सम्पादक कैलाशनाथ के श्रम के बदौलत प्रकाशित होकर आज पांच प्रदेश (उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तराखण्ड) तक अपनी पहुंच बना चुका है।