यूपी में गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश, ओले

अगले तीन-चार दिन ऐसा ही रहेगा मौसम नम

यूपी में गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश, ओले

लखनऊ: यूपी के कई जिलों में मंगलवार देर शाम मौसम बदल गया और झमाझम बारिश हुई. कुशीनगर में तेज हवाओं के साथ ओले भी पड़े. पिछले कुछ दिनों में पछुआ हवा के कारण बढ़ी गर्मी से लोगों को इस बारिश से थोड़ी राहत मिली. ये बारिश गन्ने और खेतों के जुताई के लिए काफी लाभदायक मानी जा रही है. जानकारों के अनुसार यह बारिश आम और सब्जियों के लिए थोड़ी हानिकारक भी साबित होगी. वहीं, उमस से बीमारियों का खतरा बढ़ेगा.

चिलचिलाती धूप और लू से राहत
कुशीनगर में मंगलवार की दोपहर में अचानक मौसम का मिजाज बदला ओले के साथ तेज बारिश शुरू हो गई. बारिश ने बीते कुछ दिनों से चल रही पछुआ हवा और चिलचिलाती धूप व लू से राहत दी है. जानकारों के अनुसार आम लोगों को मिली उमस भरी गर्मी से निजात के साथ गन्ना किसानों के लिए यह बारिश लाभदायक होगी. वहीं, इस बारिश के बाद गर्मी के कारण सख्त हो चुकी जमीनों में थोड़ी नमी आएगी और खेतों की जुताई भी हो सकेगी.

इस बारिश से बीमारी का भी खतरा
जानकारों ने बताया कि जिले के कुछ इलाकों में अत्यधिक ओलावृष्टि ने सब्जियों को उगाने वाले किसानों की चिंता जरूर बढ़ाई हैं. लोगों को भले ही तुरंत गर्मी से राहत मिली हैं, लेकिन दूसरी तरफ इस बारिश से बीमारियों का भी खतरा बढ़ेगा.

मौसम विभाग ने जारी किया था अलर्ट
मौसम विज्ञान विभाग ने पहले ही यूपी के 20 से अधिक जिलों में धूल भरी आंधी के साथ ही कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी जारी की थी. मंगलवार सुबह से ही तेज रफ्तार हवाएं चलने लगीं. इससे अधिकतम तापमान में हल्की कमी दर्ज की गई. सुबह-शाम के समय तेज हवाओं के चलने से जहां गर्मी से राहत मिली.

इन जिलों के लिए है चेतावनी
मौसम विज्ञान विभाग ने लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बहराइच, श्रावस्ती, बाराबंकी, गोंडा, बलरामपुर, अयोध्या, सुल्तानपुर, बस्ती सिद्धार्थ नगर, अंबेडकर नगर, सुल्तानपुर, जौनपुर, आजमगढ़, वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, बलिया, मऊ, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, गोरखपुर, संत कबीर नगर, सिद्धार्थ नगर तथा उनके आसपास के इलाकों में गरज चमक के साथ बारिश होने तथा धूल भरी तेज रफ्तार हवाओं के चलने की चेतावनी जारी की है.

 

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‘तरुणमित्र’ श्रम ही आधार, सिर्फ खबरों से सरोकार। के तर्ज पर प्रकाशित होने वाला ऐसा समचाार पत्र है जो वर्ष 1978 में पूर्वी उत्तर प्रदेश के जौनपुर जैसे सुविधाविहीन शहर से स्व0 समूह सम्पादक कैलाशनाथ के श्रम के बदौलत प्रकाशित होकर आज पांच प्रदेश (उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तराखण्ड) तक अपनी पहुंच बना चुका है। 

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