लविवि में होगा वनस्पतिशास्त्रियों व कृषि वैज्ञानिकों का जमावड़ा

जलवायु परिवर्तन पर देंगे व्याख्यान, 12 प्रदेशों के प्रतिनिधि लेंगे भाग

लविवि में होगा वनस्पतिशास्त्रियों व कृषि वैज्ञानिकों का जमावड़ा

लखनऊ। के वनस्पति विज्ञान विभाग द्वारा "जलवायु परिवर्तन के तहत सतत कृषि, पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए जैविक विज्ञान में वर्तमान रुझान" विषय पर एक आकर्षक तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन आगामी 23-25 नवंबर 2023 को किया जा रहा है। यह सम्मेलन लखनऊ विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग और चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर, द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन के आयोजक सचिव वनस्पति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष, प्रोफेसर मुन्ना सिंह, और सह-संचालक सचिव, प्रोफेसर पी.के. टंडन, प्रोफेसर गौरी सक्सेना, और  प्रोफेसर शालिनी श्रीवास्तव हैं।

सम्मेलन में लगभग 12 प्रदेशों से कई प्रतिभागी भाग लेंगे, जिनमें मुख्यत: असम, यूपी, बिहार, राजस्थान, गुजरात, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, पंजाब, और कश्मीर आदि शामिल हैं। मुख्य उद्देश्य कृषि में सतत विधियों का अन्वेषण करना, पर्यावरणीय चिंताओं का समाधान करना और स्वास्थ्य पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को समझना है। तीन दिवसीय सम्मेलन में देश के चुनिंदा प्रतिष्ठित वनस्पति विज्ञानी और कृषि वैज्ञानिक कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे और पर्यावरण संरक्षण और अनुभवों के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता साझा करेंगे। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता लखनऊ विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार राय और चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर के माननीय कुलपति प्रोफेसर ए.के. सिंह करेंगे।

इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कृषि वैज्ञानिक भर्ती बोर्ड के चेयरमैन डॉ. संजय कुमार है। गुजरात केन्द्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रोफेसर आर.एस. दुबे, और भारतीय कृषि बायो-केमिस्ट सोसाइटी के अध्यक्ष प्रोफेसर एस.एल. मेहता, महासचिव डॉ जी.पी.श्रीवास्तव विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। सम्मेलन में प्रोफेसर अब्सार अहमद, निदेशक इंटरडिसिप्लिनरी नैनोटेक्नोलॉजी केंद्र, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, अलीगढ़ की-नोट स्पीकर हैं। लगभग 400 प्रतिभागियों द्वारा इस कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है।

पद्मश्री प्रोफेसर प्रमोद टंडन;  प्रोफेसर राजेंद्र कुमार पूर्व निदेशक, यूपीसीएआर और नेशनल प्रोफेसर प्रो. वी.के. बरनवाल आईसीएआर-आईएआरआई, नई दिल्ली; प्रोफेसर बसंत राम, पूर्व कुलपति; प्रोफेसर आर.एस. दुबे, कुलपति, गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय; प्रोफेसर जे.पी. श्रीवास्तव, पूर्व विभागाध्यक्ष, बी.एच.यू.; प्रोफेसर आर.एस. सांगवान, पूर्व निदेशक; एसीएसआर, प्रोफेसर ए.के. गौड़, विभागाध्यक्ष, जी.बी. पंत विश्वविद्यालय, पंत नगर; प्रोफेसर दिनेश यादव, डीन, डीडीयू, गोरखपुर और कई अन्य प्रतिष्ठित वरिष्ठ प्रोफेसर, वैज्ञानिक और छात्र फसल उत्पादन में सुधार और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुनिश्चित करने, और रणनीतियों के प्रसार के लिए उपयोगी विचार विकसित करने के लिए चर्चा में भाग लेंगे।

 
Tags: lucknow

About The Author

Latest News