रानीताल डैम से नहीं मिला चैनपुर के धर्मेन्द्र का शव टीम

दो दिन तक ढूंढने के बाद रांची लौटी एनडीआरएफ की टीम

रानीताल डैम से नहीं मिला चैनपुर के धर्मेन्द्र का शव टीम

पलामू।हर तरफ नए साल का जश्न शुरू है। वहीं पलामू में एक परिवार चार दिनों से अपने बेटे का शव देखने के लिए परेशान है। दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने गए चैनपुर निवासी धर्मेंद्र कमलापुरी का चार दिन बाद भी कोई पता नहीं चल सका है। धर्मेंद्र के शव की तलाश रानीताल डैम में चौथे दिन गुरुवार को भी जारी रहा। गुरूवार शाम तक शव ढूंढने के बाद एनडीआरएफ की रांची लौट गयी। बता दें कि बुधवार को एनडीआरएफ की 17 सदस्यीय टीम पलामू पहुंचीं थी। दो दिनों तक सुबह 9 बजे से शाम पांच बजे तक डैम के चप्पे चप्पे को खंगाला, लेकिन धर्मेंद्र का पता नहीं चल सका। एनडीआरएफ के गोताखोरों ने पानी में उतर कर भी उसकी तलाश की।

इधर इस मामले में नया मोड़ सामने आ रहा है। धर्मेंद्र के डूबने की जानकारी उसके घर वालों को देने के बाद से पिकनिक मनाने गए उसके दोस्त फरार हैं। सभी का मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ है। धर्मेंद्र के पिता का कहना है कि दोस्तों ने धर्मेंद्र की हत्या कर उसके शव को कहीं छिपा दिया है और बचने लिए उसके डूबने की कहानी गढ़ रहे हैं। पिता ने बेटे कि हत्या का आरोप लगाते हुए भड़गावा के रहने वाले छोटू डीजे, संतोष राम चंद्रवंशी और चैनपुर के रमेश प्रसाद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिये चैनपुर थाना में आवेदन दिया है।

पिता शिवनाथ प्रसाद कमलापुरी का कहना है कि 25 दिसंबर को दोस्तों के साथ धर्मेंद्र रानीताल डैम में पिकनिक मनाने गया था। दोपहर 12 बजे पत्नी को फोनकर जल्द ही घर आने की बात कही थी। इसके कुछ देर बाद ही उसके डूबने की जानकारी दी गई। मालूम हो कि सोमवार को धर्मेंद्र (42) के डूबने की जानकारी दोस्तों ने दी। स्थानीय प्रशासन ने मछुआरों से शव की तलाश कराई, लेकिन शव का पता नहीं चला। उम्मीद था कि अगले दिन मंगलवार को शव फूलने पर खुद ही पानी की सतह पर आ जाएगा। ऐसा नहीं होने पर डीसी शशि रंजन ने एनडीआरएफ की टीम को बुलाया। बुधवार से एनडीआरएफ की टीम धर्मेंद्र की खोज में लगी थी।

 

 

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