सत्ता परिवर्तन का रिवाज कायम, भाजपा को बहुमत

सत्ता परिवर्तन का रिवाज कायम, भाजपा को बहुमत

जयपुर। राजस्थान में एक बार फिर सत्ता बदलाव का रिवाज कायम रह गया। विधानसभा चुनाव 2023 के रविवार को जारी परिणामों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पूर्ण बहुमत के साथ पांच साल बाद फिर राजस्थान में सरकार बनाएगी। जनता के इस फैसले से प्रदेश में एक बार फिर हर पांच साल में सरकार बदलने का ट्रेंड जारी रहा। निर्वाचन विभाग की ओर से 199 सीटों के लिए जारी मतदान के नतीजे के अनुसार भारतीय जनता पार्टी 115, कांग्रेस 69 तथा 15 सीटों पर अन्य उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। अन्य उम्मीदवारों में भारतीय आदिवासी पार्टी ने तीन, बहुजन समाज पार्टी ने दो, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने एक, राष्ट्रीय लोक दल ने एक तथा आठ निर्दलीयों ने जीत का हार पहना है।

वहीं कांग्रेस पार्टी की करारी हार के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्यपाल कलराज मिश्र को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। इन चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को 41.69 प्रतिशत तथा कांग्रेस को 39.53 प्रतिशत मत प्राप्त हुए हैं। राजस्थान में 199 विधानसभा सीटों के लिए 25 नवंबर को मतदान हुआ था। श्रीकरणपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी गुरमीत कुन्नर के निधन के कारण वहां चुनाव नहीं हुए हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरदारपुर से, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे झालरापाटन से, उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट टोंक से, शांति धारीवाल कोटा उत्तर से, विद्याधर नगर से दिया कुमारी, अजमेर दक्षिण से अनीता बघेल, लक्ष्मणगढ़ से कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा, किरोडी लाल मीणा चुनाव जीत गए हैं।

भारतीय जनता पार्टी को मिले स्पष्ट बहुमत के बावजूद पार्टी के दो बड़े दिग्गज नेता चुनाव हार गए हैं। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और उप नेता प्रतिपक्ष सतीश पूनियां आमेर से तथा नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ तारानगर से अपनी सीट नहीं बचा पाए। कांग्रेस में विधानसभा अध्यक्ष डॉ सी.पी. जोशी और सत्रह मंत्रियों ने भी हार का मुंह देखा है। इसके अलावा ओसियां से फायर ब्रांड नेता दिव्या मदेरणा, सिविल लाइन से मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, लालसोट से मंत्री प्रसादी लाल, खाजूवाला से गोविंदराम मेघवाल, बानसूर से शकुंतला यादव, बांसवाड़ा से अर्जुन बामनिया, कोलायत से भंवर सिंह भाटी, कोटपूतली राजेंद्र सिंह यादव और कामां से जाहिदा खान चुनाव हार गई हैं।

तिजारा और पोकरण के परिणाम भी बड़े रोचक रहे हैं। तिजारा में भाजपा के बाबा बालकनाथ ने कांग्रेस के इमरान खान को तथा पोकरण में प्रताप पुरी ने कांग्रेस के सालेह मोहम्मद को हरा दिया है। डीडवाना से भाजपा के बागी यूनुस खान चुनाव जीत गए हैं। वहीं शिव सीट से भाजपा के बाकी रविंद्र सिंह भाटी ने जीत दर्ज कराई है। सवाई माधोपुर से किरोड़ी लाल मीणा भाजपा के चुनाव जीत गए हैं।

चुनाव नतीजों पर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि राजस्थान की शानदार जीत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दी हुई गारंटी की जीत है। वहीं हार स्वीकार करते हुए अशोक गहलोत ने कहा कि काम करने के बाद भी हम कामयाब नहीं हुए, इसका मतलब यह नहीं है कि वे काम न करें। यह अप्रत्याशित परिणाम है। वहीं राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि नतीजे स्वीकार करते हैं, विचारधारा की लड़ाई जारी रहेगी।

पहली बार चुनाव लड़ रही भारत आदिवासी पार्टी ने तीन सीट पर जीत दर्ज की है। हनुमान बेनीवाल को छोड़कर उनकी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी से कोई भी उम्मीदवार नहीं जीत पाया है। राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा प्राप्त बहुजन समाज पार्टी के 2 विधायक ही जीते हैं, तो आम आदमी पार्टी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी इस चुनाव में भी छाप नहीं छोड़ सकीं। दोनों एक भी सीट नहीं जीत सकी। ओवैसी की एआईएमआईएम, कम्युनिस्ट पार्टी खाता भी नहीं खोल पाई है। इधर, बहरोड़ विधायक और निर्दलीय प्रत्याशी बलजीत यादव के साथ मारपीट की गई। काउंटिंग के बाद जब वे बाहर निकले तो मैदान में उन्हें लोगों ने घेर लिया और थप्पड़ मारे।

 

 

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