प्रधानमंत्री मोदी ने  2024 के लोकसभा चुनाव के आगाज की मजबूत आधार शिला रखी

आने वाले समय में अयोध्या पूरे प्रदेश के विकास की तस्वीर पेश करेगी: मोदी

 प्रधानमंत्री मोदी ने  2024 के लोकसभा चुनाव के आगाज की मजबूत आधार शिला रखी

अयोध्या । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जिस भी शहर में जाते हैं, आमतौर पर वह वहां के लोगों से उन्हीं की बोली और अंदाज में बात करके उनके दिलों में उतर जाते हैं। अवध के लोगों को उम्मीद थी कि मोदी अवधी बोलकर संबोधन की शुरुआत करेंगे, मगर ऐसा नहीं हुआ।अभी तक बनारस के प्रति मोदी के अपार स्नेह और जुड़ाव को देखकर अन्य नगरों के लोगों को रश्क होता रहा है। शनिवार को अयोध्यावासियों का यह मलाल दूर हुआ।
 
ठीक बनारसी वाले अंदाज में अपने वाहन के पांवदान पर खड़े होकर मोदी हाथ हिलाते और अभिवादन करते हुए रामनगरी की सड़कों पर निकले तो अयोध्या गदगद हो उठी। शंखध्वनि, फूलों की बारिश और आराध्य की तरह आरती उतरते देख गदगद तो मोदी भी हुए।यह यात्रा भले ही आठ किलोमीटर की रही हो, लेकिन इसका संदेश दूर-दूर तक गया। समूचा अवध तो मोदीमय हुआ ही, ट्रेनों और हवाई उड़ानों के जरिये पूरे देश को खुद से, सत्ता से और सरकार के कार्यों से जोड़ने की कोशिश की। राम मंदिर के लोकार्पण का उदाहरण देकर '' मोदी की गारंटी'' को परिभाषित किया। इसके साथ ही वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के आगाज की मजबूत आधार शिला रखी।
 
राम से बड़ा कोई नाम नहीं, अयोध्या से बड़ा कोई धाम नहीं प्रधानमंत्री ने यह भी समझाने का प्रयास किया कि ''राम से बड़ा कोई नाम नहीं, अयोध्या से बड़ा कोई धाम नहीं...''। इससे यह संदेश गया कि काशी में 10 वर्षों की अनवरत सेवा के बाद अब मोदी के स्नेह का अगला पड़ाव अयोध्या हो सकती है। संघ, राजनीतिक गलियारों और रामनगरी में जन-जन के बीच इस बात की चर्चाएं जोरों पर हैं। संबोधन में अयोध्यावासियों को तीन बार ''मेरे परिवारजनों'' बोलकर वे उनसे आत्मीय लगाव भी जोड़ गए हैं। सियावर रामचंद्र की... जयकार लगवाकर यह बताने की कोशिश की कि आने वाले पूरा देश राममय होने जा रहा है। लोकसभा चुनाव में यह सबसे मजबूत आधार बनेगा।
 
जय श्री राम के साथ मोदी-मोदी
धर्मपथ पर आठ किलोमीटर के रोड शो के दौरान मोदी जिस रास्ते से होकर गुजरे, उनकी एक झलक पाने के लिए घरों की छतों और गलियों में लोग उमड़ पड़े। प्रवेश न मिलने की आशंका में शहरियों के अलावा आसपास के जिलों के लोग भी सुबह सात बजे से ही मोदी के नगर भ्रमण वाले रास्ते में उन्हें देखने के लिए पहुंचने लगे थे। मोदी जब गुजरे तो पूरे रास्ते राममय संगीत बज रहा था। जय श्री राम के नारे गूंज रहे थे। मगर जब वे पास आते तो आम जनता के मुंह से मोदी मोदी की गूंज सबसे तेज सुनाई पड़ती।
प्रधानमंत्री के तौर पर सबसे ज्यादा बार आए अयोध्या
 
प्रधानमंत्री के तौर पर अयोध्या में सबसे अधिक आने का रिकॉर्ड भी मोदी ने अपने नाम कर लिया। शनिवार को उनका अयोध्या का चौथा दौरा रहा। पहली बार वर्ष 2019 में गोसाईंगंज में लोकसभा चुनाव के दौरान आए। दूसरी बार पांच अगस्त 2020 को राम मंदिर के भूमि पूजन करने आए। तीसरी बार 23 दिसंबर 2022 को दीपोत्सव में शामिल हुए थे। इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी तीन बार यहां आईं। वर्ष 1966 में सरयू पुल का उदघाटन करने, दूसरी बार वर्ष 1975 में कृषि विश्वविद्यालय का शिलान्यास व तीसरी बार 1979 में चुनावी सभा में शामिल हुई थीं।
 
पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी भी तीन बार और देवगौड़ा एक बार आए। उन्होंने कहा मेरे लिए पूरी अयोध्यानगरी सड़क पर उतर आई। इस प्यार और आशीर्वाद के लिए आप सभी का हृदय से आभार।कोरोना जैसी महामारी के बीच अयोध्या में विकास कार्य चलते रहे। अयोध्या का वैभव यहां के लोगों के अथक परिश्रम का परिणाम है।मेरे अयोध्या के भाई बहनों आग्रह है कि देश दुनिया के लोगों के स्वागत के लिए तैयार रहें। संकल्प लें कि इसे दुनिया का सबसे साफ-सुथरी नगरी बनाना है। आने वाले समय में अयोध्या पूरे प्रदेश के विकास की तस्वीर पेश करेगी। यहां के विकास के लिए कोई कसर नहीं छोड़ूंगा।
 
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