बिजनौर में किसानों के हितों से खिलवाड़ पर कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई
उर्वरक कालाबाजारी के आरोप में खाद विक्रेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज
बिजनौर। जनपद में किसानों को निर्धारित दरों पर समय से उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। किसानों की लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर कृषि एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने तहसील धामपुर के अफजलगढ़ क्षेत्र में उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठानों पर औचक निरीक्षण किया, जिसमें गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ।
निरीक्षण के दौरान मै० स्वास्तिक खाद भण्डार, अफजलगढ़ में पीओएस मशीन में दर्ज उर्वरक स्टॉक और मौके पर उपलब्ध भौतिक स्टॉक के बीच भारी अंतर पाया गया। जांच टीम ने प्रतिष्ठान संचालक से स्टॉक रजिस्टर, वितरण पंजिका तथा अन्य आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा, लेकिन कोई संतोषजनक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा सके। इतना ही नहीं, प्रतिष्ठान पर स्टॉक एवं मूल्य सूची भी प्रदर्शित नहीं मिली, जो निर्धारित नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
प्राथमिक जांच में यह आशंका व्यक्त की गई कि किसानों के लिए आवंटित उर्वरकों का नियमानुसार वितरण न कर उनकी कालाबाजारी अथवा अन्य अनियमित गतिविधियों में उपयोग किया जा रहा था। कृषि विभाग ने इसे किसानों के हितों के साथ गंभीर खिलवाड़ माना है।
ये खबर भी पढ़े : वृंदावन योजना में 74 लाख रुपये की प्रॉपर्टी ठगी का खुलासा, 50-50 हजार के दो इनामी आरोपी गिरफ्तारमामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी बिजनौर की स्वीकृति प्राप्त होने के बाद मै० स्वास्तिक खाद भण्डार, अफजलगढ़ के प्रोपराइटर कुनाल तोमर के विरुद्ध थाना अफजलगढ़ में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7, उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 तथा उर्वरक (संचलन नियंत्रण) आदेश, 1973 के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कराई गई है।
जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसानों के अधिकारों और हितों की रक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसानों के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी या फर्जी वितरण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने जनपद के सभी उर्वरक विक्रेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि अपने प्रतिष्ठानों पर स्टॉक एवं मूल्य सूची अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करें तथा आईएफएमएस पोर्टल पर दर्ज स्टॉक और भौतिक स्टॉक में पूर्ण समानता बनाए रखें। भविष्य में निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी मिलने पर तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिला कृषि अधिकारी ने किसानों से भी अपील की कि वे उर्वरक खरीदते समय रसीद अवश्य प्राप्त करें तथा कालाबाजारी, अधिक मूल्य वसूली या उर्वरक उपलब्धता संबंधी किसी भी समस्या की सूचना तुरंत कृषि विभाग को दें।“किसानों का हित सर्वोपरि है। उनकी मेहनत और अधिकारों पर डाका डालने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
