विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत किसानों को दी गई आधुनिक तकनीकों की जानकारी
रामनाथ सिंह
बिजनौर। जनपद में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने और कृषि उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों एवं कृषि विभाग, गन्ना, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता तथा सिंचाई विभाग के अधिकारियों के संयुक्त प्रयास से “विकसित कृषि संकल्प अभियान-2026” के अंतर्गत विभिन्न ग्रामों में कृषक गोष्ठियों का आयोजन किया गया।
अभियान के तहत विकास खंड कोतवाली के ग्राम गुरुदयालपुर, हाजी मोहपुर, नौ आशिकपुर भुरे एवं गुरुदयालपुर तथा विकास खंड अफजलगढ़ के खिदरपुर और रसूलपुर आबाद में किसान गोष्ठियां आयोजित की गईं। इन कार्यक्रमों में कृषि विभाग के विशेषज्ञों एवं वैज्ञानिकों ने किसानों को उन्नत खेती की तकनीकों, आधुनिक कृषि पद्धतियों तथा सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
गोष्ठियों में उप कृषि निदेशक डॉ. घनश्याम वर्मा, कृषि वैज्ञानिक डॉ. केके सिंह, डॉ. प्रमोद गुप्ता, डॉ. पिंटू कुमार तथा कृषि विभाग के अन्य तकनीकी विशेषज्ञों ने किसानों को खरीफ सीजन की तैयारियों के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिए। विशेषज्ञों ने किसानों को दलहनी फसलों के महत्व, उनकी गुणवत्ता एवं उत्पादन बढ़ाने के उपायों के बारे में विस्तार से बताया।
कार्यक्रम में किसानों को संतुलित उर्वरक प्रयोग, हरी खाद, जैविक एवं जैव उर्वरकों के उपयोग के लाभ समझाए गए। साथ ही खेतों में एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर विशेष बल दिया गया। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को कृषि भूमि की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के लिए मृदा स्वास्थ्य सुधार और रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग की आवश्यकता पर भी जागरूक किया।
विशेषज्ञों ने किसानों को बीज उपचार, जैव उर्वरकों के प्रयोग, उन्नत बुवाई तकनीकों, आईएनएम (एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन), आईपीएम (एकीकृत कीट प्रबंधन), संसाधन संरक्षण तकनीकों तथा आधुनिक सिंचाई पद्धतियों की जानकारी दी। किसानों को यह भी बताया गया कि नई कृषि तकनीकों को अपनाकर कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।
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हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
