ब्लैक होल के चौंकाने वाले रहस्य से भरे ये Facts नहीं जानते होंगे आप?

ब्लैक होल के चौंकाने वाले रहस्य से भरे ये Facts नहीं जानते होंगे आप?

नई दिल्ली। अंतरिक्ष की दुनिया एक अलग ही दुनिया है, जहां रोमांच, आश्चर्य से भरे कई रहस्य तैर रहे हैं. इस रोमांचक लिस्ट में ब्लैक होल का नाम टॉप पर आता है. जी हां! यदि आप भी ब्लैक होल के बारे में जानने के लिए एक्साइट रहते हैं और गूगल बाबा के पास सर्च की छड़ी नचाते रहते हैं तो फिर फैक्ट्स से भरी ये स्टोरी केवल और केवल आपके लिए ही है. 

क्या है ब्लैक होल?
ब्लैक होल एक घना (dense) और ठोस ऑब्जेक्ट है, जिसका गुरुत्वाकर्षण खिंचाव इतना मजबूत होता है कि इससे एक निश्चित दूरी के भीतर कुछ भी नहीं बच सकता. आपको जानकर हैरानी होगी कि इस एक ब्रह्मांडीय पिंड की ग्रैविटी से प्रकाश भी नहीं बच पाता है और उसके खिंचाव में आ जाता है. वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि सबसे छोटे ब्लैक होल तब बनें जब किसी बहुत बड़े तारे का केंद्र अपने आप गिरा. जब ऐसा होता है, तो यह एक सुपरनोवा का कारण बनता है. सुपरनोवा एक विस्फोटित तारा है, जो तारे के एक भाग को अंतरिक्ष में विस्फोटित कर देता है.

इवेंट होरिजन टेलीस्कोप का उपयोग करके वैज्ञानिकों ने आकाशगंगा M87 के सेंटर में ब्लैक होल की एक तस्वीर निकाली थी. इस तस्वीर को इवेंट होराइजन टेलीस्कोप (ईएचटी) की मदद से एक ग्लोबल रिसर्च टीम द्वारा रेडियो दूरबीनों के विश्वव्यापी नेटवर्क का उपयोग करके किया गया था.

ब्लैक होल और उसके ये वंडर्स-
1. ब्लैक होल को आमतौर पर सीधे नहीं देखा जा सकता है, क्योंकि यह पूरी तरह से अंधेरा है. लेकिन आस-पास चमकती गैस के विशाल गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र के प्रभाव से ब्लर देखा जा सकता है.
2. ब्लैक होल हमारे सूर्य से चार मिलियन गुना अधिक विशाल है. सबसे छोटे ब्लैक होल सिर्फ एक परमाणु जितने छोटे होते हैं और
3. ब्लैक होल पृथ्वी से लगभग 27,000 प्रकाश वर्ष दूर है.

 

Tags:

About The Author

Tarunmitra Picture

‘तरुणमित्र’ श्रम ही आधार, सिर्फ खबरों से सरोकार। के तर्ज पर प्रकाशित होने वाला ऐसा समचाार पत्र है जो वर्ष 1978 में पूर्वी उत्तर प्रदेश के जौनपुर जैसे सुविधाविहीन शहर से स्व0 समूह सम्पादक कैलाशनाथ के श्रम के बदौलत प्रकाशित होकर आज पांच प्रदेश (उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तराखण्ड) तक अपनी पहुंच बना चुका है। 

Latest News