बब्बू लंगड़ा के कथित कारोबार की परतें खुलीं, खाकी से गठजोड़ पर सवाल

जुआ-सट्टे से लेकर कथित ब्लैकमेलिंग तक के गंभीर आरोप, पुलिस तंत्र में गहरी पैठ की चर्चाओं से मचा हड़कंप

Published By Harshit
On
Harshit Picture
By Harshit

रामनाथ सिंह, बिजनौर संवाददाता

बिजनौर। थाना कोतवाली शहर पुलिस द्वारा हनी ट्रैप के एक मामले में जेल भेजे जा चुके जिले के चर्चित हिस्ट्रीशीटर जुल्फकार उर्फ बब्बू लंगड़ा को लेकर उसके कथित आपराधिक नेटवर्क और पुराने कारनामों की चर्चाएं लगातार सामने आ रही हैं।

जुआ-सट्टे के कथित कारोबार से लेकर ब्लैकमेलिंग और अन्य गंभीर गतिविधियों तक के आरोपों ने अब पूरे मामले को सवालों के घेरे में ला दिया है। सबसे गंभीर चर्चा उसकी कथित तौर पर पुलिस तंत्र के कुछ लोगों से नजदीकी और संरक्षण से जुड़ी है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है और प्रत्येक मामले में आधिकारिक रिकॉर्ड व जांच के निष्कर्ष सामने आना जरूरी है।

कौशांबी : महिला सिपाही ने खुद काे गाेली मारकर की आत्महत्या ये खबर भी पढ़े : कौशांबी : महिला सिपाही ने खुद काे गाेली मारकर की आत्महत्या

किरतपुर से शुरू हुआ कथित नेटवर्क
चर्चाओं के मुताबिक बब्बू लंगड़ा ने किरतपुर क्षेत्र में रहते हुए जुआ और सट्टे के कथित कारोबार में अपनी पकड़ बनाई। आरोप लगाए जाते रहे हैं कि इस नेटवर्क को कुछ प्रभावशाली लोगों और पुलिसकर्मियों का कथित संरक्षण प्राप्त था। यही कारण रहा कि उसके खिलाफ कार्रवाई को लेकर भी समय-समय पर सवाल उठते रहे।

कई वर्ष पूर्व किरतपुर में इंस्पेक्टर राजकुमार शर्मा की तैनाती के दौरान उसके कथित अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के प्रयास की चर्चा रही। बाद में उनका तबादला हो गया। इसके बाद कथित तौर पर बब्बू के नेटवर्क के फिर सक्रिय होने की बातें सामने आती रहीं। हालांकि, इन घटनाओं और तबादले के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

किरतपुर से बिजनौर तक कथित फैलाव
आरोप है कि समय के साथ बब्बू लंगड़ा ने किरतपुर से आगे बिजनौर शहर के जाटान चौकी क्षेत्र समेत अन्य इलाकों में भी अपना कथित नेटवर्क सक्रिय किया। उसके खिलाफ जुआ, सट्टा, ब्लैकमेलिंग, देह व्यापार और मादक पदार्थों की तस्करी जैसी गंभीर गतिविधियों से जुड़े आरोप लगाए जाते रहे हैं।

सबसे गंभीर आरोप कथित हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग से जुड़े बताए जाते हैं। दावा किया जाता है कि युवकों को लड़कियों के माध्यम से कथित तौर पर जाल में फंसाया जाता और बाद में दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर रकम वसूलने का दबाव बनाया जाता था। हालांकि, ऐसे आरोपों की सत्यता जांच और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर ही तय हो सकती है।

चौकी से पुलिस कार्यालय तक पहुंच के दावे
बब्बू लंगड़ा की कथित पुलिस पहुंच को लेकर भी तरह-तरह के दावे सामने आते रहे हैं। आरोप लगाने वालों का कहना है कि उसके संपर्क चौकी स्तर से लेकर पुलिस कार्यालय के कुछ हिस्सों तक बताए जाते थे। अपराध शाखा और अन्य स्तरों पर भी कुछ पुलिसकर्मियों से कथित नजदीकी की चर्चाएं हैं।

इन दावों को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि वास्तव में किसी अपराधी को पुलिस तंत्र के भीतर से संरक्षण मिलता रहा, तो उसके खिलाफ समय रहते प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई? हालांकि, इस सवाल का जवाब किसी निष्पक्ष जांच और आधिकारिक रिकॉर्ड की पड़ताल के बाद ही सामने आ सकता है।

पूर्व चौकी प्रभारी से कथित नजदीकी का मामला
सबसे सनसनीखेज आरोप एक पूर्व चौकी प्रभारी से कथित नजदीकी को लेकर लगाए जा रहे हैं। आरोप है कि संबंधित पुलिसकर्मी की बब्बू लंगड़ा से करीबी थी और कथित नेटवर्क के जरिए युवकों को लड़कियों के माध्यम से फंसाकर बाद में मुकदमे में जेल भेजने की धमकी दी जाती थी।

इसके बाद कथित तौर पर मोटी रकम लेकर मामला निपटाने का दबाव बनाया जाता था। यहां तक दावा किया जा रहा है कि एक पुलिसकर्मी स्वयं कथित रूप से ऐसे जाल में फंसा और तीन लाख रुपये देकर मामले को खत्म कराया। हालांकि, इस पूरे दावे की भी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

जुआ-सट्टे से कथित वसूली का नेटवर्क
बब्बू लंगड़ा को लेकर यह आरोप भी लगाए जाते रहे हैं कि जिले के विभिन्न हिस्सों में संचालित जुआ और सट्टे के कथित कारोबार से वसूली का नेटवर्क सक्रिय था। इस नेटवर्क में बब्बू की भूमिका बताए जाने के साथ ही कुछ अन्य प्रभावशाली लोगों और पेशेवर व्यक्तियों के जुड़े होने के दावे भी सामने आ रहे हैं।

यदि इन दावों में कोई सच्चाई है तो यह महज एक अपराधी के नेटवर्क का मामला नहीं, बल्कि उसके पीछे मौजूद पूरे तंत्र की पड़ताल का विषय बन जाता है।

तबादलों की चर्चाओं से भी उठते रहे सवाल
बब्बू के कथित प्रभाव को लेकर यह भी चर्चा होती रही है कि उसके नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई का प्रयास करने वाले कुछ पुलिस अधिकारियों के तबादले हो गए। हालांकि, किसी अधिकारी के तबादले को बब्बू से जोड़ना अपने आप में प्रमाण नहीं है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों के कार्यकाल, कार्रवाई के रिकॉर्ड, शिकायतों और तबादलों के आधिकारिक कारणों की निष्पक्ष जांच जरूरी होगी।

कितना सच, कितना दावा-जांच से खुलेगा राज
बब्बू लंगड़ा को लेकर सामने आ रहे आरोप गंभीर हैं और इनका असर केवल एक हिस्ट्रीशीटर तक सीमित नहीं है। यदि जांच में पुलिसकर्मियों अथवा किसी प्रभावशाली व्यक्ति की आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता या संरक्षण की पुष्टि होती है, तो यह पुलिस तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करेगा।

ऐसे में जरूरत केवल आरोप-प्रत्यारोप की नहीं, बल्कि निष्पक्ष और तथ्यपरक जांच की है। बब्बू लंगड़ा के कथित नेटवर्क, उसके संपर्कों, आर्थिक लेनदेन, पुराने मुकदमों, पुलिसकर्मियों से संबंधों और उसके खिलाफ हुई कार्रवाई के रिकॉर्ड की जांच से ही तस्वीर साफ हो सकती है।

फिलहाल सामने आई बातें आरोप और दावों के स्तर पर हैं। इनकी सत्यता का अंतिम निर्धारण जांच, आधिकारिक दस्तावेजों और सक्षम न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही संभव है।

लेखक के बारे में

Harshit Picture

हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

नवीनतम

वाराणसी में टला बड़ा हादसा, भरभराकर गिरा जर्जर मकान का हिस्सा

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में बुधवार को दशाश्वमेध थाना क्षेत्र के मदनपुरा इलाके में बारिश के बीच एक पुराने...
उत्तर प्रदेश 
वाराणसी में टला बड़ा हादसा, भरभराकर गिरा जर्जर मकान का हिस्सा

रायबरेली में राहुल गांधी का जनता दरबार, फरियादियों की उमड़ी भीड़

महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष ने राहुल गांधी को बांधी राखी 2029 में उन्हें प्रधानमंत्री बनाने का लिया संकल्प रायबरेली। कांग्रेस...
उत्तर प्रदेश 
रायबरेली में राहुल गांधी का जनता दरबार, फरियादियों की उमड़ी भीड़

पीएम मोदी के राजनीतिक यात्रा में 25 वर्ष पूरे होने पर होगा भव्य कार्यक्रम

सिलीगुड़ी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) देशभर...
पश्चिम बंगाल 
पीएम मोदी के राजनीतिक यात्रा में 25 वर्ष पूरे होने पर होगा भव्य कार्यक्रम

उत्तर प्रदेश

वाराणसी में टला बड़ा हादसा, भरभराकर गिरा जर्जर मकान का हिस्सा

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में बुधवार को दशाश्वमेध थाना क्षेत्र के मदनपुरा इलाके में बारिश के बीच एक पुराने...
उत्तर प्रदेश 
वाराणसी में टला बड़ा हादसा, भरभराकर गिरा जर्जर मकान का हिस्सा

रायबरेली में राहुल गांधी का जनता दरबार, फरियादियों की उमड़ी भीड़

महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष ने राहुल गांधी को बांधी राखी 2029 में उन्हें प्रधानमंत्री बनाने का लिया संकल्प रायबरेली। कांग्रेस...
उत्तर प्रदेश 
रायबरेली में राहुल गांधी का जनता दरबार, फरियादियों की उमड़ी भीड़