बिजनौर में 375 करोड़ का निवेश, हरित ऊर्जा से खुलेंगे रोजगार के द्वार
CBG, बायोफ्यूल और जैविक उर्वरक के क्षेत्र में बढ़ी निवेशकों की दिलचस्पी, चार परियोजनाओं से 360 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद
रामनाथ सिंह, तरुणमित्र
बिजनौर। जनपद में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने की दिशा में अच्छी खबर है। स्वच्छ और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में बिजनौर निवेशकों की पसंद बनता जा रहा है। जिलाधिकारी जसजीत कौर के प्रयासों के परिणामस्वरूप कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG), बायोफ्यूल, बायोमास और जैविक उर्वरक से जुड़ी चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए 375 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से करीब 360 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।
जनपद में निवेश को बढ़ावा देने और स्वच्छ ऊर्जा आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी का परिणाम है कि निवेशकों ने बिजनौर में CBG और जैविक उर्वरक से जुड़ी परियोजनाएं स्थापित करने में रुचि दिखाई है।
250 करोड़ की परियोजना सबसे बड़ी
प्राप्त प्रस्तावों में REnergy Dynamics Pvt. Ltd. की परियोजना सबसे बड़ी है। कंपनी की ओर से कृषि अवशेष और प्रेस-मड जैसे मिश्रित फीडस्टॉक पर आधारित 25 टीपीडी क्षमता के CBG प्रोजेक्ट तथा फीडस्टॉक कलेक्शन सेंटर की स्थापना के लिए 250 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव दिया गया है। इससे करीब 150 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
वहीं Yuva Bio Energy की ओर से 10 टीपीडी क्षमता के CBG प्लांट के लिए 60 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। परियोजना से करीब 80 रोजगार सृजित होने की संभावना है। AAGMIK Green Energy Private Limited ने CBG एवं बायो-फर्टिलाइजर निर्माण परियोजना के लिए 40 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव दिया है। इससे करीब 100 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा UP Green Ventures LLP द्वारा छह टीपीडी क्षमता के CBG प्लांट की स्थापना के लिए 25 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया गया है। इससे करीब 30 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
कृषि अवशेषों का होगा बेहतर इस्तेमाल
इन परियोजनाओं के माध्यम से कृषि अवशेषों और अन्य जैविक सामग्री का उपयोग स्वच्छ ईंधन और जैविक उर्वरक तैयार करने में किया जाएगा। इससे एक ओर जहां किसानों से जुड़े कृषि अवशेषों के उपयोग का रास्ता खुलेगा, वहीं दूसरी ओर स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलने से पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
चारों परियोजनाओं के प्रस्तावित निवेश को जोड़ने पर कुल 375 करोड़ रुपये का निवेश संभावित है। इससे बिजनौर में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
निवेशकों को सुविधाएं देने पर जोर
जिलाधिकारी जसजीत कौर ने कहा कि जनपद में निवेशकों को आवश्यक सहयोग और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है। स्वच्छ ऊर्जा आधारित परियोजनाओं को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिजनौर को औद्योगिक विकास के साथ हरित ऊर्जा के क्षेत्र में भी नई पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। 375 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश और 360 रोजगार के अवसरों ने बिजनौर के औद्योगिक विकास की उम्मीदों को नई ऊर्जा दे दी है।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
