अवैध कॉलोनियों पर जिला पंचायत की सख्ती, 10 कॉलोनाइजरों को नोटिस
बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों पर होगी कार्रवाई, नियमों की अनदेखी करने वालों को बुलडोजर का डर
रामनाथ सिंह, बिजनौर संवाददाता
बिजनौर। जिले में शहरों के साथ-साथ ग्रामीण और देहात क्षेत्रों में तेजी से विकसित हो रही अवैध कॉलोनियों पर जिला पंचायत ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सड़क किनारे और अन्य क्षेत्रों में बिना प्रशासनिक अनुमति एवं निर्धारित मानकों का पालन किए प्लाटिंग किए जाने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत ने 10 कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी किए हैं।
जिला पंचायत के एएमए विकास मिश्रा के अनुसार जांच में 10 ऐसी कॉलोनियां चिह्नित की गई हैं, जिनके संबंध में संबंधित कॉलोनाइजरों को नोटिस भेजे गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियों में प्लाटिंग करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बिना अनुमति प्लाटिंग पर कार्रवाई की तैयारी
जिला पंचायत की जांच में सामने आया है कि कई स्थानों पर सड़क, नाली, बिजली और अन्य सुविधाओं का नाम लेकर लोगों को प्लाट बेचे जा रहे हैं। ऐसे मामलों में बाद में प्लाट खरीदारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। विभाग ने लोगों से भी अपील की है कि प्लाट खरीदने से पहले कॉलोनी की वैधता और संबंधित विभागों से मिली अनुमतियों की जांच जरूर करें।
अधिकारियों के मुताबिक नोटिस की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ जरूरत पड़ने पर बुलडोजर कार्रवाई भी की जा सकती है।
इन क्षेत्रों की कॉलोनियां जांच के घेरे में
जांच में भागूवाला स्थित अस्पताल भवन के पास सोल प्रकृति कॉलोनी, ग्राम खड़खड़ी में चंदक रोड पर विकसित कॉलोनी, ग्राम दादपुर हाजी भागूवाला की आशीर्वाद कॉलोनी, ताजपुर में प्रियंका मॉडर्न स्कूल के बराबर की कॉलोनी और नूरपुर के ग्राम अब्दुल्लापुर दहाना में विकसित की जा रही कॉलोनी समेत कई स्थानों को चिह्नित किया गया है।
इसके अलावा नूरपुर की ग्राम पंचायत दौलतपुर विलोच, ग्राम सिडियावली में रवाना-ताजपुर मार्ग पर विकसित कॉलोनी, जलीलपुर के ग्राम हरनापुर की बार्ड न्यू कॉलोनी, कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मोजमपुर हनुमंत उर्फ रहमापुर की आर्यियाना कॉलोनी और हल्दौर ग्रामीण क्षेत्र में विकसित आवासीय कॉलोनी भी जांच के दायरे में हैं।
नियम तोड़ने वालों में मचा हड़कंप
जिला पंचायत की कार्रवाई शुरू होते ही अवैध रूप से कॉलोनियां विकसित करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग ने साफ कर दिया है कि बिना अनुमति और निर्धारित नियमों की अनदेखी कर की जा रही प्लाटिंग को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य केवल अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाना ही नहीं, बल्कि आम लोगों को अपनी मेहनत की कमाई गलत जगह निवेश करने से बचाना भी है। जिला पंचायत ने लोगों से अपील की है कि भूमि या प्लाट खरीदने से पहले उसके स्वामित्व, लेआउट और संबंधित विभागों की स्वीकृति की पूरी जानकारी अवश्य लें।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
