गाज़ीपुर के कूड़े के पहाड़ को खत्म करने की बढ़ेगी रफ्तार, मंत्री आशीष सूद ने दिए निर्देश
नीरज अवस्थी
नई दिल्ली। दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने शुक्रवार को गाज़ीपुर लैंडफिल साइट का निरीक्षण कर लेगेसी कचरे के निस्तारण कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों और कार्यदायी एजेंसी को 31 जुलाई तक बायोमाइनिंग की क्षमता 7,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन से बढ़ाकर 12,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन करने के निर्देश दिए। साथ ही ताज़े कचरे के अलग प्रसंस्करण की व्यवस्था सुनिश्चित करने और हर सप्ताह प्रगति की समीक्षा करने की बात कही।
मंत्री ने बताया कि फेज-II के तहत अब तक लगभग 24 लाख मीट्रिक टन लेगेसी कचरे का निस्तारण किया जा चुका है, जिससे करीब 20 एकड़ भूमि कूड़ा मुक्त हो गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार वैज्ञानिक तरीके से राजधानी के कूड़े के पहाड़ों को समाप्त करने के लिए मिशन मोड में काम कर रही है।
ये खबर भी पढ़े : सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई, सक्रिय उग्रवादी गिरफ्तार, भारी मात्रा में हथियार बरामदसमीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि शाहदरा नॉर्थ और शाहदरा साउथ जोन से प्रतिदिन 2,400 से 2,500 मीट्रिक टन ताज़ा कचरा गाज़ीपुर पहुंचता है, जिसमें से लगभग 800 मीट्रिक टन प्रतिदिन जमा हो रहा है। इस पर मंत्री ने निर्देश दिए कि ताज़े कचरे के निस्तारण के लिए अलग व्यवस्था बनाई जाए ताकि लेगेसी वेस्ट की बायोमाइनिंग प्रभावित न हो।
मंत्री ने बायोमाइनिंग से निकलने वाले इनर्ट (अप्रसंस्करणीय) पदार्थ के शीघ्र निस्तारण के लिए वाहनों की संख्या बढ़ाने और एक सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।आशीष सूद ने कहा कि दिल्ली की जनता अस्थायी नहीं बल्कि स्थायी समाधान की हकदार है। सरकार का लक्ष्य केवल कूड़े के पहाड़ की ऊंचाई कम करना नहीं, बल्कि वैज्ञानिक और समयबद्ध तरीके से गाज़ीपुर, भलस्वा और ओखला के लेगेसी लैंडफिल स्थलों का पूर्ण निस्तारण करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गाज़ीपुर परियोजना की अब प्रत्येक सप्ताह समीक्षा की जाएगी और वह स्वयं अगले महीने फिर से स्थल का निरीक्षण करेंगे।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
