अब बाबा नगरी में रहने वाले शिक्षकों की बढ़ी बेचैनी

 

बांका। शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए विभाग सक्रिय हो गया है। विद्यालय कार्य दिवस प्रात: 9:00 से लेकर 5:00 तक किए जाने से शिक्षकों की तकलीफ अभी कम हुई भी नहीं थी कि फिर दूसरा फरमान जारी हो गया है। यह फरमान जयपुर क्षेत्र के विद्यालय से 25 से 30 किलोमीटर दूर बाबा धाम देवघर सहित 40 से 50 किलोमीटर दूर अपने घर में रहने वाले अध्यापकों के लिए बेचैनी बढ़ गई है।

माध्यमिक शिक्षा के निदेशक कन्हैया   प्रसाद श्रीवास्तव ने एक पत्र जारी कर विद्यालय अध्यापकों एवं नियोजित शिक्षकों को निर्देशित किया है कि वो इस बात का प्रमाण दे की अध्यापक अपनी सुविधा अनुसार अपने विद्यालय के प्रखंड मुख्यालय अथवा विद्यालय के 15 किलोमीटर के दायरे में ही अब आवासन की व्यवस्था करें। ताकी विद्यालय के अध्यापक ससमय विद्यालय पहुंच सके और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो।

यह आदेश जिला शिक्षा पदाधिकारी को सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया है। नवनियुक्त विद्यालय अध्यापक तथा पूर्व से कार्यरत नियोजित शिक्षकों से 30 जनवरी तक हर हाल में यह शपथ पत्र ले लें कि अध्यापकों के द्वारा अपने विद्यालय के प्रखंड मुख्यालय अथवा 15 किलोमीटर की परिधि में अवसान की व्यवस्था कर ली गई है।

यह शपथ पत्र फरवरी 2024 के वेतन भुगतान के लिए आवश्यक बताया गया है। ऐसे में जयपुर क्षेत्र के दर्जनों विद्यालयों में देवघर से आने वाले शिक्षकों को अब जयपुर क्षेत्र में ही अवसान का नाम मजबूरी हो गया है। लंबी दूरी तय करने के दौरान आए दिन सड़क दुर्घटना में शिक्षकों की हो रही मौत पर क्षेत्र के बुद्धिजीवियों ने सरकार की इस पहल को विभाग के साथ शिक्षकों के हित में बताया है। 

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