इंदिरा मैराथन : 'रन फॉर स्वच्छता नो प्लास्टिक' में दौड़े देशभर के धावक

इंदिरा मैराथन को खेल मंत्री ने दिखाई हरी झंडी

इंदिरा मैराथन : 'रन फॉर स्वच्छता नो प्लास्टिक' में दौड़े देशभर के धावक

- इंदिरा मैराथन में देशभर के 394 धावकों ने लिया भाग

- जसवंत ने हासिल किया पहला स्थान

- मैराथन के विजेताओं में तकरीबन 9 लाख 70  हजार रुपए की राशि बांटी गयी

लखनऊ/प्रयागराज। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के जन्मदिवस पर हर साल की तरह इस वर्ष भी संगम नगरी प्रयागराज में 38वीं अखिल भारतीय प्राइजमनी इंदिरा मैराथन का आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर किया गया। इस मैराथन में देश भर के 394 धावकों ने भाग लिया जिसमें 345 पुरुष और 49 महिला धावकों ने भाग लिया है। जिसमें जसवंत बघेल ने पहला स्थान, दूसरे स्थान पर सेना के ही वी सिरानू और प्रयागराज के अनिल कुमार तीसरे स्थान पर रहे।

प्रयागराज में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जन्मतिथि (19 नवंबर) पर आयोजित इंदिरा मैराथन में शामिल धावकों को सुबह 6 बजकर 30 मिनट पर खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव, मेयर उमेश चंद्र गणेश केसरवानी और डीएम नवनीत सिंह चहल ने आनंद भवन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। वर्ष 1985 में अंतर्राष्ट्रीय मनकों के तहत 42 किलोमीटर की इंदिरा मैराथन की शरुआत के पहले पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया।

स्वच्छ भारत मिशन नगरीय द्वारा चलाये जा रहे स्वच्छता और प्लास्टिक मुक्त अभियान के क्रम में इस बार इंदिरा मैराथन की थीम "रन फॉर स्वच्छता नो प्लास्टिक" रखी गयी। देशभर से मैराथन में आये तमाम नामचीन धावकों का का खासा उत्साह देखने को मिला। मैराथन के रुट पर धावकों के लिए 16 स्थानों पर जलपान और मेडिकल एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है। हर किलोमीटर पर एनसीसी के कैडेट्स वालेंटियर के रूप में लगाए गए हैं। तकरीबन 1000 कर्मचारियों को इस आयोजन में लगाया गया है. 42.195 किलोमीटर की इंदिरा मैराथन में पहली बार महिला और पुरुष धावकों को एक साथ रवाना किया गया।

खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश में खेल को बढ़ावा देने के लिए ऐतिहासिक कार्य प्रदेश सरकार कर रही है। इंदिरा मैराथन में भाग लेने वाले धावक इलाहाबाद विश्वविद्यालय के सामने से तेलियरगंज होते हुए म्योहाल चौराहे की ओर बढ़ें और अपराह्न 2 बजकर 30 मिनट पर मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में मैराथन का समापन हो गया।

मैराथन में जसवंत ने पहला स्थान हासिल किया। जिसमें उन्होंने दौड़ दो घंटा, 21 मिनट और 50 सेंकड में पूरी की। दूसरे स्थान पर आर्मी पुणे के बी सिरानू रहे। उन्होंने दो घंटा, 21 मिनट और 56 सेंकड का समय लिया। तीसरे स्थान पर प्रयागराज के अनिल कुमार सिंह रहे। उन्होंने दो घंटा, 22 मिनट और 21 सेकंड का समय लिया। चौथे स्थान पर प्रदीप सिंह रहे। इन्होंने 2 घंटा, 23 मिनट और 11 सेकंड का समय लिया।

42.195 किलोमीटर लंबी इस मैराथन को जीतने वाले को दो लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार एक लाख और तृतीय स्थान पाने वाले को 75 हजार रुपये मिले। इसके अलावा चौथे स्थान से लेकर 14वें स्थान पर रहने वाले धावकों को 10-10 हजार रुपये का सांत्वना पुरस्कार दिया गया।

मैराथन में इस बार पिछले बार के विजेता ओलंपियन सुधा सिंह व ओलंपियन गोपी टी शामिल नहीं हुए। जबकि पूर्व विजेता हेतराम, वाराणसी के राहुल पाल, आर्मी पुणे के राहुल, उप विजेता रह चुकीं रंजना, दिव्यांका, सेना के सिरानू, प्रदीप जसवंत, 2021 के उप विजेता अनिल कुमार सिंह, नीरज कुमार, आरती पटेल, तामसी सिंह, श्यामली सिंह, नीता पटेल, अनीता रानी, रानी यादव शामिल रहीं।

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