बिजनौर में खाद-बीज विक्रेताओं पर कड़ी कार्रवाई, 46 दुकानों पर छापे
3 लाइसेंस निलंबित, 9 को नोटिस
रामनाथ सिंह
- एसडीएम और कृषि विभाग की संयुक्त टीमों ने किया निरीक्षण
बिजनौर। खरीफ सीजन में किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने शुक्रवार को जनपदभर में संयुक्त छापेमारी अभियान चलाया। विभिन्न तहसीलों में एसडीएम और कृषि विभाग की संयुक्त टीमों ने 46 उर्वरक बिक्री केंद्रों व गोदामों का निरीक्षण किया। इस दौरान 19 उर्वरकों के नमूने जांच के लिए लिए गए, जबकि अनियमितताएं मिलने पर तीन उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए और नौ दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।
जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह ने बताया कि शासन और जिलाधिकारी के निर्देश पर यह अभियान चलाया गया। निरीक्षण के दौरान कई दुकानों के अभिलेख अपूर्ण मिले तथा कुछ दुकानदार दुकान बंद कर मौके से चले गए। इसके चलते डबास बीज भंडार (बरुकी), कृषि केंद्र एग्री जंक्शन वन स्टॉप शॉप (हबीबवाला), बंसल ब्रदर्स (धामपुर), राज बीज भंडार (हबीबवाला), कृषक सेवा केंद्र व डार्विन खाद एंड बीज भंडार (भोजपुर-किरतपुर), कालदेव खाद एवं बीज भंडार (तीरथपुर), सब्जी बीज भंडार (धामपुर) और गुप्ता फर्टिलाइजर (ताजपुर-नूरपुर) सहित नौ प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किया गया।
ये खबर भी पढ़े : IRCTC भारत गौरव ट्रेन से 4 ज्योतिर्लिंग व स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की यात्रा, बुकिंग शुरूवहीं, गंभीर अनियमितताएं मिलने पर सिंह फर्टिलाइजर (बिलाई), कृषि केंद्र एग्री जंक्शन वन स्टॉप शॉप (हबीबवाला) तथा एग्री क्लिनिक एंड एग्री बिजनेस सेंटर (ताजपुर) के उर्वरक प्राधिकार पत्र तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिए कि किसानों को उनकी आवश्यकता और जोत के अनुसार ही यूरिया, डीएपी व एनपीके सहित अन्य उर्वरकों का निर्धारित मूल्य पर वितरण किया जाए। बिना पीओएस मशीन के बिक्री न की जाए, थोक बिक्री से बचा जाए तथा प्रत्येक किसान को उर्वरक की रसीद अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि अभियान के दौरान ओवररेटिंग या मुख्य उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की जबरन टैगिंग का कोई मामला सामने नहीं आया। हालांकि सभी विक्रेताओं को चेतावनी दी गई है कि भविष्य में निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली या टैगिंग करते पाए जाने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
