किसानों को सिखाए गए मृदा संरक्षण और वैज्ञानिक खेती के गुण
बस्ती - 'खेत बचाओ अभियान–2026' के तहत विकास खंड बस्ती सदर की ग्राम पंचायत चनदोखा और बनकटा में एक विशेष किसान जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्थानीय किसानों को मिट्टी की सेहत (मृदा स्वास्थ्य), प्राकृतिक संसाधनों के सही उपयोग और पोषण सुरक्षा के प्रति सचेत करना था।कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित कृषि विज्ञान केंद्र बस्ती के वैज्ञानिक डॉ. वी. बी. सिंह और डॉ. अंजली वर्मा ने किसानों को आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल कृषि तकनीकों की महत्वपूर्ण जानकारी दी। वैज्ञानिकों ने मिट्टी की जांच के आधार पर खाद डालने (मृदा परीक्षण आधारित उर्वरक प्रबंधन), प्राकृतिक खेती अपनाने, पानी बचाने और जैविक संसाधनों के सही तालमेल पर जोर दिया। उन्होंने समझाया कि संतुलित मात्रा में खाद के इस्तेमाल से न सिर्फ जमीन की उपजाऊ क्षमता बची रहती है, बल्कि खेती की लागत में भी कमी आती है।इस जागरूकता कार्यक्रम में एडीओ (कृषि) श्री दिलीप चौधरी, एटीएम, बीटीएम, स्थानीय ग्राम प्रधान, प्रगतिशील किसान, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में एक प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित हुआ, जहां किसानों ने कृषि और पोषण से जुड़े अपने सवालों के जवाब विशेषज्ञों से प्राप्त किए।
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पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव रखने वाले सर्वेश श्रीवास्तव उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद में ‘तरुणमित्र’ के ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ और तथ्यपरक कवरेज उनके काम की पहचान है।
