बरेली में शेयर बाजार निवेश का झांसा देकर साइबर ठगी, 49 लाख में से 30 लाख पुलिस ने रोके
बरेली। शेयर बाजार में निवेश कर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने एक स्कूल संचालक से 49 लाख 43 हजार 898 रुपये की ठगी कर ली। हालांकि पीड़ित की तत्परता से शिकायत करने पर पुलिस ने 30 लाख रुपये संबंधित खातों में होल्ड करवा दिए हैं। मामले में साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
मूल रूप से शाहजहांपुर निवासी आलोक दुबे वर्तमान में बरेली के आशीष रॉयल पार्क में परिवार के साथ रहते हैं और साझेदारी में एक निजी स्कूल का संचालन करते हैं। उन्होंने साइबर थाना प्रभारी धनंजय पांडेय को दी शिकायत में बताया कि 16 जनवरी को अंश कुमार नाम के व्यक्ति ने उन्हें फोन कर शेयर बाजार में निवेश करने पर अधिक मुनाफा होने का लालच दिया।
ये खबर भी पढ़े : अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: स्विमिंग पूल में डॉक्टरों, योग प्रशिक्षकों और छात्रों ने किया योगासनआरोपी ने व्हाट्सएप के माध्यम से एक लिंक भेजकर एसएमसी ब्रोकिंग नाम की एप्लीकेशन डाउनलोड कराई और केवाईसी प्रक्रिया पूरी करवाकर उसमें उनका खाता खुलवा दिया। इसके बाद निवेश के नाम पर लगातार विभिन्न खातों में रकम ट्रांसफर कराई जाती रही। जब आलोक ने अपना पैसा वापस मांगना चाहा तो उन्हें बताया गया कि 26 अप्रैल तक जमा की गई राशि फ्रीज हो गई है। कुछ समय बाद वह एप भी बंद हो गई।
इसके बाद ठगों ने उन्हें स्टार इन्वेस्टमेंट नाम की दूसरी एप डाउनलोड कराई, जिसमें निवेश की गई रकम दिखाई दे रही थी, लेकिन उसे निकालने का कोई विकल्प नहीं था। इस दौरान कमीशन और जीएसटी के नाम पर भी उनसे अतिरिक्त रुपये वसूले गए।
ये खबर भी पढ़े : 25 हजार के इनामी बदमाश टिल्लू उर्फ शिवम पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार, पैर में लगी गोलीजब अंश कुमार ने संपर्क करना बंद कर दिया तो अमन तिवारी नाम का व्यक्ति उनसे बात करने लगा। उसने भरोसा दिलाया कि एक महीने के भीतर ब्याज सहित पूरी रकम वापस मिल जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 26 जनवरी से 26 अप्रैल के बीच ठगों ने आलोक दुबे से कुल 49,43,898 रुपये ट्रांसफर करा लिए।
साइबर थाना प्रभारी धनंजय पांडेय ने बताया कि ठगी का अहसास होते ही पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और साइबर थाने पहुंचकर भी सूचना दी। समय रहते शिकायत मिलने के कारण पुलिस ने 30 लाख रुपये संबंधित बैंक खातों में होल्ड करा दिए हैं। अब कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह रकम पीड़ित को वापस दिलाई जाएगी। मामले की विवेचना जारी है और साक्ष्य जुटाकर आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
