मुमताज हत्याकांड में आरोपी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार, दूसरा फरार
उत्तर प्रदेश : कानपुर में साढ़ के देवसढ़ गांव में वैन चालक मुमताज की हत्या के एक आरोपी बिधनू दलेलपुर निवासी आशीष उर्फ काशी को सोमवार तड़के पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। आशीष के दोनों पैरों में गोली लगी है। मुठभेड़ दरगाही लाल रामगंगा नहर पुल के पास हुई।
वारदात का खुलासा करते हुए डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि फरार मुख्य आरोपी शोयल उर्फ रानू और आशीष लूट के इरादे से ही मुमताज के घर घुस थे। रानू की मुमताज से रंजिश चल रही थी। उसे पता था कि मुमताज की जल्द ही दुबई जाने की तैयारी है।
ऐसे में उसे घर में ठीक-ठाक रुपये मिलने की उम्मीद थी। पुलिस को शोयल की लोकेशन सूरत के आसपास मिल रही है। उस पर 25 हजार का इनाम रखा गया है। एडीसीपी साउथ सुमित सुधाकर रामटेके ने बताया कि रानू दूर के रिश्ते में मुमताज का भाई लगता है।
एक माह पूर्व पारिवारिक विवाद में मुमताज के चाचा रहीस और रानू के बीच हाथापाई हुई थी। उस वक्त मुमताज अपने चाचा की पैरवी कर रहा था।
बीच-बचाव में रानू की मां का हाथ टूट गया था। यहीं से वह मुमताज और रहीस से खुन्नस रखने लगा। आठ दिन पूर्व रानू ने मोहल्ले में कई लोगों के सामने मुमताज से उसकी बाइक मांगी।
उसने रानू की बेइज्जती करते हुए बाइक देने से मना कर दिया था। इसके अलावा एक मोबाइल को लेकर भी दोनों के बीच विवाद हुआ था। इन तीनों कारणों से रानू और मुमताज के बीच रंजिश गहरी हो गई।
इलाकाई लोगों के मुताबिक दो-चार दिन पहले ही रानू ने पुलिया पर बैठकर मुमताज को कुल्हाड़ी से काटकर फेंकने की धमकी भी दी थी।
एडीसीपी ने बताया कि सात अगस्त को दिन में ही रानू और काशी ने राजस्थान से आए तीसरे साथी धर्मेंद्र के साथ जमकर शराब पी। धर्मेंद्र के जाने के बाद रानू ने ही काशी को मुमताज के यहां चोरी के लिए राजी किया। दोनों ने मछरिया से मास्क और ग्लब्स खरीदे।
रात कीरब 10 बजे तक शराब पी फिर घर से लाए काले कपड़े पहनकर मुमताज के घर में कूद गए। पुलिस के मुताबिक आहट पाकर मुमताज उठा तो रानू ने उस पर उल्टी कुल्हाड़ी के वार कर बेहोश कर दिया। इस दौरान काशी ने उसकी पत्नी शाहजहां के गले पर चाकू रखा हुआ था।
घर का सामान पलटने के दौरान जब मुमताज को होश आ गया, तो काशी चीखा रानू यह तो जिंदा है। इसके बाद रानू ने मुमताज को और काशी ने शाहजहां को बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। दोनों घटनास्थल से शाहजहां के गले में पड़ी चेन और पायल के अलावा बाइक ही ले जा पाए थे।
पुलिस ने बताया कि वारदात के बाद दोनों आरोपी बाइक से बिना टोल वाले कच्चे रास्ते से हमीरपुर पहुंचे। वहां बाइक बेचने का प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हो सके। इधर, काशी की गर्लफ्रेंड उस पर लगातार कानपुर लौटने का दबाव बना रही थी। लिहाजा वह लूटी गई बाइक लेकर बिधनू के लिए निकल गया।
बीच में प्रेमिका का फोन आने से उसकी लोकेशन पुलिस को लगातार मिलती रही। दरगाही लाल के पास उसका सामना पुलिस से हो गया। उधर, रानू हमीरपुर से चित्रकूट पहुंचा, तो उसे भनक लग गई कि पुलिस उसके पीछे लग चुकी है। इस पर वह मानिकपुर स्टेशन से एक ट्रेन में बैठकर भाग निकला।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
माही खान एक उभरती हुई कंटेंट राइटर हैं और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़कर डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए समाचार अपडेट का कार्य कर रही हैं। वह खबरों की प्रस्तुति पर विशेष ध्यान देती हैं और मीडिया क्षेत्र में सीखते हुए अपने लेखन कौशल को लगातार विकसित कर रही हैं।
