छात्रवृत्ति से वंचित छात्रों को एक और मौका, 19 सितंबर तक प्रक्रिया
मास्टर डाटा तैयार करने की अंतिम तिथि 7 सितंबर तक निर्धारित
रामनाथ सिंह, बिजनौर संवाददाता
बिजनौर। वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभिन्न कारणों से दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति से वंचित रह गए छात्र-छात्राओं के लिए राहत की खबर है। शासन के निर्देशों के क्रम में छात्रवृत्ति पोर्टल दोबारा खोला गया है। इसके लिए विस्तृत समय-सारिणी जारी कर दी गई है। प्रदेश स्तर पर भी तकनीकी एवं प्रक्रियागत कारणों से वंचित विद्यार्थियों को दोबारा अवसर दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
मुख्य विकास अधिकारी रण विजय सिंह द्वारा के अनुसार, शिक्षण संस्थानों से आवेदन अग्रसारित न होने, पीएफएमएस से आवेदन रिजेक्ट होने तथा अन्य कारणों से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सामान्य वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग के पात्र विद्यार्थी छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति से वंचित रह गए थे। ऐसे विद्यार्थियों के लंबित प्रकरणों के निस्तारण के लिए शासन ने दोबारा प्रक्रिया शुरू की है।
सात सितंबर तक तैयार होगा मास्टर डाटा
जारी समय-सारिणी के अनुसार शिक्षण संस्थानों द्वारा छात्रवृत्ति का मास्टर डाटा तैयार करने की अंतिम तिथि 7 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। इसके बाद विश्वविद्यालय एवं एफिलिएटिंग एजेंसी द्वारा फीस आदि का सत्यापन 2 से 8 सितंबर तक किया जाएगा।
विश्वविद्यालय/एफिलिएटिंग एजेंसी द्वारा रिजल्ट अपडेट करने की प्रक्रिया 3 से 10 सितंबर तक पूरी की जाएगी। इसके बाद छात्र-छात्राओं को अपने ऑनलाइन आवेदन में हुई त्रुटियों को शिक्षण संस्थान से सही कराने का अवसर 16 से 18 सितंबर तक मिलेगा।
19 सितंबर तक अग्रसारित होंगे पात्र आवेदन
शिक्षण संस्थानों द्वारा सत्यापित एवं पात्र आवेदनों को अग्रसारित करने तथा अपात्र आवेदनों को निरस्त करने की कार्रवाई 17 से 19 सितंबर 2026 तक पूरी की जाएगी। शासन की समय-सारिणी के मुताबिक पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि सितंबर के अंतिम दिनों से अक्टूबर के प्रारंभ तक उपलब्ध कराए जाने की प्रक्रिया निर्धारित है।
सीडीओ ने सभी शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि मास्टर डाटा में पूर्व में सम्मिलित संस्थाओं द्वारा पाठ्यक्रम/पाठ्यक्रम का प्रकार, अनुमोदित सीटों की संख्या, पाठ्यक्रमवार निर्धारित शुल्क तथा एफिलिएटिंग एजेंसी/विश्वविद्यालय के नाम आदि विवरण को आवश्यक रूप से अपडेट किया जाए। साथ ही छात्र-छात्राओं के आवेदनों में हुई त्रुटियों को निर्धारित समय में सही कराते हुए पात्र आवेदनों को अग्रसारित और अपात्र आवेदनों को निरस्त करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार सभी कार्रवाई अनिवार्य रूप से पूरी की जाए, ताकि पात्र विद्यार्थी छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के लाभ से वंचित न रहें।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
