जनसुनवाई में छलका दर्द, आयोग सदस्य ने अफसरों को लगाई जवाबदेही की घुट्टी
एससी-एसटी वर्ग के लोगों की समस्याएं सुनीं, बोले- किसी के साथ नहीं होने पाए अन्याय; योजनाओं का लाभ पात्रों तक पहुंचाने के दिए निर्देश
रामनाथ सिंह, बिजनौर संवाददता
बिजनौर। अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लोगों की समस्याओं के समाधान और उन्हें शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने को लेकर मंगलवार को सर्किट हाउस में उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के सदस्य मिठाई लाल ने जनसुनवाई की। इस दौरान उन्होंने लोगों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।
जनसुनवाई में एससी-एसटी वर्ग सहित अन्य लोगों ने विभिन्न समस्याओं को आयोग सदस्य के समक्ष रखा। आयोग सदस्य ने शिकायतकर्ताओं की बात सुनने के साथ ही संबंधित विभागीय अधिकारियों से प्रकरणों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और पीड़ित को नियमानुसार न्याय दिलाना प्राथमिकता हो।
कागजों में नहीं, धरातल पर दिखे योजनाओं का लाभ
आयोग सदस्य ने विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि सरकार द्वारा जिन वर्गों के उत्थान के लिए योजनाएं संचालित की जा रही हैं, उनका लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने समाज कल्याण विभाग की आदर्श ग्राम योजना, राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना और राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना की प्रगति की जानकारी ली। इसके अलावा नगर पालिका, राजस्व और पुलिस विभाग के कार्यों की भी समीक्षा की गई।
एससी-एसटी एक्ट से संबंधित प्रकरणों की स्थिति की जानकारी लेते हुए उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ऐसे मामलों में संवेदनशीलता के साथ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। पीड़ितों को समय से न्याय मिले और किसी भी स्तर पर उनकी शिकायत लंबित न रहे।
470 गांव चिह्नित, 181 में विकास कार्य पूरे
जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि आदर्श ग्राम योजना के तहत जिले में 470 गांव चिह्नित किए गए हैं। प्रत्येक चयनित गांव में विकास कार्यों के लिए 20 लाख रुपये दिए जाते हैं। इनमें से 181 गांवों में कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि शेष गांवों में कार्य प्रक्रिया में हैं।
राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत जिले में 60,103 लाभार्थियों को लाभ दिया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 2,702 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना में पात्र लाभार्थियों को 30 हजार रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता दी जाती है।
सामूहिक विवाह के लक्ष्य से ज्यादा के टेंडर प्रक्रिया में
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष में 1,276 सामूहिक विवाह का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके सापेक्ष 2,578 के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। वहीं मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत वर्तमान में 32 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।
हर माह होगी निगरानी समिति की बैठक
आयोग सदस्य ने तहसीलदार सदर को निर्देश दिए कि तहसील स्तर पर विभिन्न योजनाओं की समीक्षा के लिए गठित निगरानी समिति की प्रत्येक माह नियमित बैठक कराई जाए। बैठक में जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाए, जिससे योजनाओं की प्रगति की प्रभावी समीक्षा हो सके और पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में आने वाली समस्याओं का समय से समाधान कराया जा सके।
पुलिस से जुड़ी शिकायतों पर भी दिए निर्देश
जनसुनवाई के दौरान पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर अभय कुमार पांडेय ने पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों पर संबंधित अधीनस्थ अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने शिकायतकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि उनके साथ न्याय किया जाएगा और प्रकरणों में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
इस अवसर पर तहसीलदार सदर आशीष सक्सेना, जिला समाज कल्याण अधिकारी जागेश्वर सिंह, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद बिजनौर रामपाल सिंह सेनेटरी इंस्पेक्टर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
