डिजिटल लाइब्रेरी में पढ़ाई का माहौल परखा, सीडीओ ने दिए आवश्यक निर्देश
रशीदपुर गढ़ी में 25 तो तैमूरपुर दीपा में 14 विद्यार्थी कर रहे अध्ययन, पुस्तकों की सूची चस्पा करने को कहा
रामनाथ सिंह, बिजनौर संवाददाता
बिजनौर। विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन का माहौल उपलब्ध कराने और ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित डिजिटल लाइब्रेरियों की व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन गंभीर है। इसी क्रम में मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह ने रविवार को डिजिटल लाइब्रेरी रशीदपुर गढ़ी और डिजिटल लाइब्रेरी तैमूरपुर दीपा का निरीक्षण किया। उन्होंने लाइब्रेरी में उपलब्ध सुविधाओं, पुस्तकों की व्यवस्था तथा अध्ययनरत विद्यार्थियों की स्थिति का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने लाइब्रेरी में रखी पुस्तकों का अवलोकन किया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी पुस्तकों को अलमारियों में विषयवार एवं सुव्यवस्थित ढंग से रखा जाए, ताकि विद्यार्थियों को जरूरत के समय पुस्तक तलाशने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने प्रत्येक अलमारी के बाहर उसमें रखी पुस्तकों की सूची चस्पा करने के भी निर्देश दिए। इससे विद्यार्थी आसानी से अपनी आवश्यकता के अनुसार पुस्तक की पहचान कर सकेंगे और समय की बचत होगी।
नियमित खुल रहीं लाइब्रेरियां
निरीक्षण के दौरान संबंधित कर्मचारियों ने सीडीओ को बताया कि दोनों डिजिटल लाइब्रेरियां निर्धारित समय पर नियमित रूप से खोली जा रही हैं। लाइब्रेरी में उपलब्ध व्यवस्थाएं भी सुचारू रूप से संचालित हैं। विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
बताया गया कि डिजिटल लाइब्रेरी रशीदपुर गढ़ी में 25 विद्यार्थी, जबकि डिजिटल लाइब्रेरी तैमूरपुर दीपा में 14 विद्यार्थी नियमित रूप से अध्ययन के लिए पहुंचते हैं। सीडीओ ने विद्यार्थियों से भी बातचीत कर उनके अध्ययन और लाइब्रेरी में उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली।
बच्चों की शिक्षा शासन की प्राथमिकता
मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि डिजिटल लाइब्रेरियों की व्यवस्थाओं को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें लगातार बेहतर बनाया जाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को ऐसा अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाए, जहां वे शांतिपूर्वक अध्ययन कर सकें और प्रतियोगी परीक्षाओं सहित अन्य शैक्षिक गतिविधियों की तैयारी में लाइब्रेरी का अधिकतम लाभ उठा सकें।
उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा और उनकी नियमित उपस्थिति शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसलिए सभी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी अपने दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी एवं गंभीरता के साथ निर्वहन करें। लाइब्रेरी में साफ-सफाई, पुस्तकों का रखरखाव, डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता और विद्यार्थियों की सुविधा पर विशेष ध्यान दिया जाए।
सीडीओ ने यह भी स्पष्ट किया कि डिजिटल लाइब्रेरियां विद्यार्थियों के लिए ज्ञान और बेहतर भविष्य की तैयारी का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे में इन केंद्रों की व्यवस्थाओं को निरंतर सुदृढ़ बनाए रखना आवश्यक है, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी इनका लाभ उठाकर शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
