आलू का भाव गिरा तो किसानों को ‘भावांतर भुगतान कोष योजना’ से राहत
योजना के तहत आलू का बाजार भाव गिरने पर पात्र किसानों को आर्थिक सहायता मिलेगी
रामनाथ सिंह, बिजनौर संवाददाता
बिजनौर। जिला उद्यान अधिकारी सतेंद्र पाल मान ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार की ‘भावांतर भुगतान कोष योजना’ के तहत आलू का बाजार भाव गिरने पर पात्र किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
योजना का उद्देश्य आलू उत्पादक किसानों को बाजार भाव में गिरावट से होने वाले नुकसान से राहत दिलाना है। योजना के अंतर्गत एक किसान को अधिकतम दो हेक्टेयर क्षेत्रफल और प्रति हेक्टेयर अधिकतम 200 क्विंटल आलू तक का लाभ दिया जाएगा। आलू की बिक्री के बाद निर्धारित मानकों के अनुसार किसानों को अधिकतम 100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अनुदान मिलेगा। इस योजना में एक किसान को अधिकतम 50 हजार रुपये तक की सहायता दिए जाने का प्रावधान है।
ये खबर भी पढ़े : सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता के साथ योग्यता को सर्वोच्च प्राथमिकता सरकार का लक्ष्य : योगीउन्होंने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को Potato.uphorticulture.in पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के समय मोबाइल नंबर, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, खतौनी, खसरा, कोल्ड स्टोरेज की भंडारण रसीद, निकासी रसीद, गेटपास रसीद, कोल्ड स्टोर किराया रसीद तथा आलू बिक्री से संबंधित कागजात अपलोड करने होंगे।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
