बिहार से यूपी तक बाढ़ का भय, वाराणसी में 407 परिवार दुसरी जगह शिफ्ट
हिमाचल में लैंडस्लाइड से 175 से ज्यादा सड़कें बंद
- राहत और बचाव अभियान के लिए प्रशासन ने 36 नावों को लगाया
नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में लगातार बारिश से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। बिहार, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया है। कहीं नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, तो कहीं बाढ़ और भूस्खलन के कारण लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
बिहार के कई जिलों में पिछले दो दिनों से रुक-रुककर बारिश जारी है। राजधानी पटना में गंगा नदी खतरे के निशान से करीब दो फीट ऊपर बह रही है। राज्य के 13 जिले बाढ़ की चपेट में हैं, जबकि आठ नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। प्रशासन प्रभावित इलाकों पर नजर बनाए हुए है और राहत कार्य जारी हैं।
उत्तर प्रदेश में भी लगातार बारिश के चलते कई नदियां उफान पर हैं। वाराणसी में वरुणा नदी के आसपास रहने वाले 407 परिवारों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है। अब तक करीब 2,910 लोगों को विस्थापित किया जा चुका है। राहत और बचाव अभियान के लिए प्रशासन ने 36 नावों को लगाया है।
वाराणसी में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिलाधिकारी और मेयर से फोन पर बात कर हालात की जानकारी ली। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों को लेकर भी जानकारी ली।
उधर, हिमाचल प्रदेश में बुधवार रात हुई तेज बारिश के बाद कई इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। लैंडस्लाइड के कारण राज्य में 175 से अधिक सड़कें बंद हो गईं। कालका-शिमला फोरलेन पर भी भारी मात्रा में मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ और कई वाहन रातभर सड़क पर फंसे रहे। लगातार बारिश और खराब मौसम के बीच प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं। लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
