अमेरिका व्यापार समझौते पर सियासी घमासान, कांग्रेस ने जताई आपत्ति
अमेरिकी ट्रेड डील से किसानों को नुकसान होगा: जयराम रमेश
मलेशिया से सीख ले सरकार, अमेरिकी दबाव में न आए
नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह डील भारत के हितों के खिलाफ है और इससे देश के किसानों को भारी नुकसान हो सकता है। रमेश का आरोप है कि अमेरिका व्यापार वार्ताओं के दौरान दबाव की रणनीति अपना रहा है और भारत सहित कई देशों को अपनी शर्तें मानने के लिए मजबूर करने का प्रयास कर रहा है।
रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि भारत लगभग 60 अन्य देशों के साथ अमेरिकी जांच के दायरे में है, जिसमें कथित गलत व्यापारिक प्रथाओं के आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन जांचों का इस्तेमाल दबाव बनाने के साधन के रूप में किया जा रहा है, ताकि भारत अमेरिका द्वारा घोषित व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर कर दे।
ये खबर भी पढ़े : फ्रांस दौरे पर पीएम मोदी ने वैश्विक कंपनियों के सीईओ से की मुलाकात, निवेश बढ़ाने पर चर्चाकांग्रेस नेता ने दावा किया कि अमेरिका भारत से अपने कृषि और औद्योगिक उत्पादों पर शुल्क कम करने तथा आयात बढ़ाने की अपेक्षा कर रहा है, जबकि बदले में बहुत कम ठोस प्रतिबद्धताएं दे रहा है। उन्होंने कहा कि इससे पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों के किसानों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
रमेश ने यह भी कहा कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पारस्परिक टैरिफ नीति को अवैध ठहराए जाने के बाद भारत को मिलने वाली संभावित टैरिफ राहत समाप्त हो गई। इसके बावजूद अमेरिका अन्य देशों पर टैरिफ बढ़ाने की धमकी देता रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि वह किसी भी ऐसे समझौते से बचे जो राष्ट्रीय हितों के विपरीत हो। रमेश ने मलेशिया का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत को भी अपने किसानों और घरेलू उद्योगों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
