मोदी सरकार को बड़ा झटका, राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा, सियासी हलचल तेज
राष्ट्रपति ने स्वीकार किया त्यागपत्र, राजनीतिक हलकों में चचार्एं तेज
नई दिल्ली। केंद्र सरकार में अल्पसंख्यक समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य और मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका त्यागपत्र स्वीकार कर लिया है। इस घटनाक्रम के बाद राष्ट्रीय राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है और इस्तीफे के कारणों को लेकर विभिन्न तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
जॉर्ज कुरियन मोदी सरकार में ईसाई समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख चेहरों में शामिल थे। उनके इस्तीफे को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि अभी तक इस्तीफे के पीछे की विस्तृत वजह सार्वजनिक नहीं की गई है और न ही केंद्र सरकार की ओर से इस संबंध में कोई विस्तृत बयान जारी किया गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे समय में जब केंद्र सरकार विभिन्न सामाजिक और क्षेत्रीय समूहों के प्रतिनिधित्व को लेकर संतुलन साधने की कोशिश कर रही है, जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा कई नए सवाल खड़े करता है। विपक्षी दल भी इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और सरकार से स्पष्टता की मांग कर सकते हैं।
कुरियन लंबे समय से सार्वजनिक जीवन और संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। सरकार में रहते हुए उन्होंने विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में अपनी भूमिका निभाई। उनके इस्तीफे के बाद अब यह चर्चा भी शुरू हो गई है कि सरकार मंत्रिमंडल में उनके स्थान पर किसे जिम्मेदारी सौंप सकती है।
फिलहाल राष्ट्रपति द्वारा त्यागपत्र स्वीकार किए जाने के साथ ही उनका कार्यकाल समाप्त हो गया है। आने वाले दिनों में केंद्र सरकार की ओर से मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल या नए नियुक्ति संबंधी निर्णयों पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी। राजनीतिक हलकों में यह मामला चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
