अधिशासी अभियंता के निलंबन पर संघर्ष समिति जताया ऐतराज
— वास्तविक जिम्मेदारियों और तकनीकी तथ्यों की निष्पक्ष जांच हो
लखनऊ।विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में हुई अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक अग्निकांड की घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है तथा घायल व्यक्तियों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। शैलेन्द्र दुबे,संयोजक,संघर्ष समिति ने बताया ने इस घटना के संबंध में अधिशासी अभियंता (कलेक्शन), जानकीपुरम जोन को निलंबित किए जाने को अन्यायपूर्ण,तथ्यहीन एवं जल्दबाजी में की गई कार्रवाई बताया है। संघर्ष समिति का स्पष्ट मत है कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर संबंधित अधिशासी अभियंता का इस अग्निकांड से कोई प्रत्यक्ष उत्तरदायित्व नहीं बनता है।
संघर्ष समिति ने कहा कि उक्त परिसर को वर्ष 2016 में विधिवत वाणिज्यिक (कमर्शियल) विद्युत संयोजन प्रदान किया गया था तथा उस समय बीस किलोवाट तक की भार वृद्धि भी स्वीकृत की गई थी। उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार अप्रैल, मई एवं जून 2026 में उक्त संयोजन की विद्युत मांग (डिमांड) बीस किलोवाट से अधिक दर्ज हुई है। किंतु वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग लागू होने के बाद की व्यवस्था में विद्युत मांग संबंधी यह जानकारी संबंधित अधिशासी अभियंता को जुलाई माह में प्राप्त होती, जिसके बाद ही नियमानुसार भार वृद्धि अथवा अन्य आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ की जा सकती थी। ऐसी स्थिति में जून माह में घटित घटना के लिए अधिशासी अभियंता को उत्तरदायी ठहराना तथ्यों के अनुरूप नहीं है।
संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि विद्युत वितरण निगम की जिम्मेदारी उपभोक्ता को विधिवत विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने तक सीमित होती है। नया विद्युत कनेक्शन जारी करने से पूर्व उपभोक्ता से भवन स्वामित्व संबंधी अभिलेख,बी एंड एल अन्य आवश्यक दस्तावेज प्राप्त किए जाते हैं। बी एंड एल प्रमाणपत्र किसी लाइसेंसधारी विद्युत ठेकेदार द्वारा जारी किया जाता है, जिसमें यह प्रमाणित किया जाता है कि भवन की आंतरिक वायरिंग, अर्थिंग एवं विद्युत प्रणाली निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप है तथा घोषित भार के अनुसार सुरक्षित रूप से संचालित हो सकती है। भवन के भीतर की विद्युत व्यवस्था की सुरक्षा एवं रखरखाव की जिम्मेदारी भवन स्वामी तथा संबंधित सुरक्षा एजेंसियों की होती है।
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लेखक के बारे में
शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
