एफडी घोटाले को लेकर खाताधारकों का प्रदर्शन, बैंक में ताला लगाकर की नारेबाजी
एफडी घोटाले पर दूसरे दिन भी हंगामा जारी
लखनऊ। मोहन रोड स्थित शकुंतला मिश्रा पुनर्वास विश्वविद्यालय परिसर में संचालित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा में कथित एफडी घोटाले को लेकर मंगलवार को लगातार दूसरे दिन भी खाताधारकों का प्रदर्शन जारी रहा। बैंक खुलते ही बड़ी संख्या में पीड़ित खाताधारक शाखा के बाहर एकत्र हो गए और बैंक में ताला लगाकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बैंक मित्र शिवा राव और उसके साथी दीपक ने अधिक ब्याज का लालच देकर एफडी के नाम पर लाखों रुपये जमा कराए थे, लेकिन उनकी जमा राशि सुरक्षित नहीं रही। उनका कहना है कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बावजूद अभी तक पीड़ितों को उनकी जमा पूंजी वापस नहीं मिली है। खाताधारकों ने बताया कि 22 मई को बैंक के प्रधान कार्यालय में अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि 22 जून तक सभी पीड़ितों का पैसा लौटा दिया जाएगा।
हालांकि, निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी भुगतान नहीं हुआ। इसी के विरोध में सोमवार को भी बैंक के अंदर प्रदर्शन किया गया था, जो देर शाम तक चला। उस दौरान बैंक के चीफ मैनेजर आर.के. सिन्हा ने 24 घंटे के भीतर मामले की प्रगति से अवगत कराने का वादा किया था। मंगलवार सुबह भी इस आश्वासन पर कोई ठोस कार्रवाई न होने से नाराज खाताधारक बैंक खुलने से पहले ही शाखा के बाहर पहुंच गए।
ये खबर भी पढ़े : कोंचिग सेन्टरों में सुरक्षा व्यवस्था के जांच की मांगः भाजपा टीम इलेवन ने मण्डलायुक्त को सौंपा ज्ञापनबैंक खुलते ही उन्होंने शाखा में ताला लगा दिया और "हमारा पैसा वापस करो" के नारे लगाते हुए धरने पर बैठ गए। इस प्रदर्शन के कारण बैंक का कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा और अन्य ग्राहकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी जमा धनराशि वापस नहीं की जाती और बैंक प्रशासन इस मामले में कोई स्पष्ट कार्रवाई नहीं करता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
