इको गार्डन में मेडिकल छात्रों ने ढफली बजाकर किया प्रदर्शन
चार मेडिकल कॉलेजों का विशेष दर्जा खत्म न करने की मांग
- पुरानी आरक्षण व्यवस्था लागू करने की मांग की
लखनऊ। रविवार ईको गार्डन में मेडिकल छात्रों ने ढफली बजाकर जोरदार प्रदर्शन किया। अम्बेडकरनगर, कन्नौज, जालौन और सहारनपुर स्थित राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने का विरोध किया। इन कॉलेजों में पुरानी व्यवस्था लागू रखने की मांग की।
छात्रों ने कहा कि इन मेडिकल कॉलेजों की स्थापना अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के छात्रों को उच्च चिकित्सा शिक्षा में अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हुआ है। साल 2027 से यूपी रिजर्वेशन एक्ट 2006 को लागू किया जा रहा है, जिसके तहत 21% ही रिजर्वेशन मिलेगा। जबकि रिजर्वेशन की पुरानी प्रक्रिया के तहत 70% आरक्षण मिल रहा था। डॉ. देवांश ने कहा कि संविधान ने ऐसी एसटी समेत कमजोर वर्गों के शैक्षिक एवं आर्थिक हितों को विशेष रूप से बढ़ावा देने की बात कही है। ऐसे में सरकार को इन मेडिकल कॉलेजों की मूल भावना और विशेष प्रावधानों की रक्षा करनी चाहिए।
संबंधित मामला जब हाई कोर्ट में गया तो वहां पर सिंगल बेंच ने इसके खिलाफ आदेश आया। इसके बाद मामला डबल मैच में भी गया और वहां भी फैसला हमारे खिलाफ आया। सरकार की तरफ से उचित पैरवी न होने की वजह से फैसला हमारे विरोध में आया। साल 2027 से यूपी रिजर्वेशन एक्ट 2006 को लागू किया जा रहा है, जिसके तहत 21% ही रिजर्वेशन मिलेगा। मांग है कि रिजर्वेशन की पुरानी प्रक्रिया को लागू किया जाए जिसमें 70% आरक्षण मिल रहा था।
कन्नौज मेडिकल कॉलेज से आए डॉक्टर देवांश ने कहा कि स्पेशल कॉम्पोनेन्ट प्लान को खत्म करना दुर्भाग्य है। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों की स्थापना का उद्देश्य केवल मेडिकल शिक्षा का विस्तार करना नहीं था, बल्कि सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के शैक्षिक सशक्तीकरण को बढ़ावा देना था। नियमों के अनुसार संस्थानों में 70% सीटें एससी एसटी छात्रों के लिए और शेष 30% सीटें अन्य वर्ग के क्षेत्रों के लिए उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई थी।
छात्रों ने कहा कि विशेष व्यवस्था में किसी भी तरह का बदलाव छात्रों के हितों को प्रभावित करेगा। इन संस्थानों की स्थापना विशेष उद्देश्य के साथ की गई थी। इस की स्थापना से एससी एसटी छात्रों को संरक्षण और बराबरी का दर्जा दिलाए जाने के लिए किया गया है। शैक्षणिक संस्थानों में इस प्रकार के बदलाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
