घुमंतू व वंचित समुदाय की सूची तैयार करायें ताकि मिल सके लाभ: राज्यपाल
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस में घुमंतू जनजाति की महिलाओं का हुआ सम्मान
- ग्राम प्रधान पात्रों की सूची डीएम ऑफिस को दें व उसकी प्रति राज्यपाल कार्यालय को भी भेजें
- महिलाओं से बोलीं आनंदीबेन पटेल जो हुनर सिखाया जाए, उसमें दक्षता हासिल करें
लखनऊ। शुक्रवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की मौजूदगी में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर घुमंतू जनजाति की महिलाओं को प्रमाण-पत्र दिया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर समरसता सेवा संस्थान एवं घुमंतू जनजाति परिषद द्वारा सिलाई एवं कढ़ाई का प्रशिक्षण पूर्ण करने वाली घुमंतू जनजाति की महिलाओं के सम्मान में समारोह आयोजित हुआ। सिलाई एवं कढ़ाई प्रशिक्षण पूर्ण करने वाली महिलाओं को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया गया।
राज्यपाल ने महिलाओं द्वारा हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी को देखा और उनके हुनर की सराहना की। महिलाओं को 10 सिलाई मशीनें भी प्रदान की गईं, ताकि वे प्रशिक्षण में सीखे गए हुनर का उपयोग कर स्वरोजगार से जुड़ सकें तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकें। राज्यपाल ने प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि हुनर और आत्मनिर्भरता महिलाओं को सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
सिलाई-कढ़ाई जैसे कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाएं अपने पारंपरिक हुनर को आगे बढ़ाते हुए स्वरोजगार से जुड़ सकती हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। उन्होंने महिलाओं का आह्वान किया कि उन्हें जो भी हुनर सिखाया जाए, उसे पूरी लगन और मेहनत से सीखें तथा उसमें दक्षता हासिल करें।
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उन्होंने कहा कि घुमंतू एवं वंचित समुदाय के ऐसे लोगों की सूची तैयार की जाए, जिन्हें अभी तक विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया है। ग्राम प्रधान इस संबंध में पात्र लाभार्थियों की सूची तैयार कर जिलाधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराएं तथा सूची की एक प्रति राज्यपाल कार्यालय को भी भेजी जाए। उन्होंने कहा कि जब तक पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल जाता, तब तक उन्हें योजनाओं से जोड़ने के लिए आवश्यक प्रयास जारी रखे जाएंगे।
सिलाई एवं कढ़ाई का प्रशिक्षण पूर्ण करने वाली महिलाओं को प्रदान किए। उन्होंने घुमंतू समुदाय के लोगों से आह्वान किया कि वे ऐसे कम से कम 100 लोगों की सूची तैयार कर उपलब्ध कराएं, जिन्हें किसी कौशल का प्रशिक्षण प्राप्त करना है। ऐसे लोगों को विश्वविद्यालयों के माध्यम से उनकी रुचि एवं आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा तथा प्रशिक्षण के बाद स्वरोजगार शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं से भी जोड़ा जाएगा, ताकि वे अपना व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकें।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
