प्रतापगढ़। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. राममोहन मीना की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में जिला स्वच्छता समिति एवं गोबरधन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), गोबरधन योजना तथा ‘मेरा तालाब-मेरी जिम्मेदारी’ अभियान के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वच्छता से जुड़ी योजनाओं के सभी लंबित कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराया जाए।
बैठक में जिला पंचायत राज अधिकारी श्रीकांत दर्वे ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में जनपद को 17,975 व्यक्तिगत शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसके सापेक्ष अब तक 5,416 लाभार्थियों को प्रथम किस्त जारी की जा चुकी है, जबकि शेष 12,559 लाभार्थियों को प्रथम किस्त जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी पात्र लाभार्थियों को नियमानुसार प्रथम एवं द्वितीय किस्त समय से उपलब्ध कराई जाए, ताकि शौचालय निर्माण का कार्य शीघ्र पूरा हो सके। बैठक में निष्प्रयोज्य शौचालयों की रेट्रोफिटिंग की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जनपद में 1,68,766 शौचालयों की रेट्रोफिटिंग का लक्ष्य निर्धारित है, जिसके सापेक्ष अब तक 1,37,880 शौचालयों का कार्य पूरा किया जा चुका है। शेष 28,103 शौचालयों की रेट्रोफिटिंग ग्राम पंचायतों के माध्यम से कराई जा रही है। इस पर सीडीओ ने निर्देश दिए कि शेष कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कराया जाए, जिससे स्वच्छता अभियान के उद्देश्यों की प्रभावी पूर्ति हो सके।
ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के अंतर्गत रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) की समीक्षा में बताया गया कि जनपद की 1,148 ग्राम पंचायतों में से 934 ग्राम पंचायतों में आरआरसी का निर्माण पूरा हो चुका है, जिनमें से 819 केंद्र संचालित हैं। शेष 214 आरआरसी में 22 ग्राम पंचायतों में भूमि उपलब्ध न होने के कारण निर्माण नहीं हो सका है, जबकि अन्य 192 केंद्रों के निर्माण की प्रक्रिया जारी है। मुख्य विकास अधिकारी ने निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा सभी केंद्रों को जल्द संचालित करने के निर्देश दिए।
गोबरधन योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में जनपद को दूसरे सामुदायिक बायोगैस प्लांट की स्थापना का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसके लिए विकास खंड लक्ष्मणपुर की ग्राम पंचायत देवली स्थित जनपद की दूसरी सबसे बड़ी गौशाला का चयन किया गया है। बैठक में यह भी बताया गया कि विकास खंड लालगंज की ग्राम पंचायत पहाड़पुर स्थित गौशाला में 45 घन मीटर क्षमता का बायोगैस प्लांट विगत तीन वर्षों से सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। अरूणा ग्रीन बेंचर्स को 45 घन मी० बायोगैस के निर्माण हेतु चयन किये जाने का प्रस्ताव प्रस्तावित है, जिस पर आवश्य कार्यवाही हेतु सीडीओ ने निर्देशित किया। इसके अलावा बैठक में ‘मेरा तालाब-मेरी जिम्मेदारी’ योजना के तहत तालाबों की साफ-सफाई, फिल्टर चौंबर निर्माण तथा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत आईएचएचएल मद में व्यय धनराशि के अनुमोदन सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि स्वच्छता से जुड़ी सभी योजनाएं जनहित से सीधे जुड़ी हैं, इसलिए इनमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में जिला पंचायत राज अधिकारी श्रीकांत दर्वे, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी देवब्रत सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी नागेंद्र कुमार मौर्य सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।