निजीकरण के खिलाफ बिजली कर्मियों का आंदोलन आज
लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने कहा है कि दस अगस्त को संयुक्त किसान मोर्चा एवं ऑल इंडिया ट्रेड यूनियनों द्वारा आयोजित राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन में प्रदेश के बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर भी एकजुटता के साथ शामिल होंगे। बिजली कर्मी श्रम संहिताओं, इलेक्ट्रिसिटी बिल-2025 और सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण के खिलाफ किसानों एवं ट्रेड यूनियनों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष करेंगे।
संघर्ष समिति के संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाया जा रहा इलेक्ट्रिसिटी बिल-2025 बिजली क्षेत्र के निजीकरण को बढ़ावा देने वाला विधेयक है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। बिजली जैसे आवश्यक सार्वजनिक सेवा क्षेत्र को निजी हाथों में सौंपना केवल बिजली कर्मचारियों के हितों का सवाल नहीं है, बल्कि यह किसानों, गरीबों, मध्यम वर्ग और देश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के हितों से जुड़ा गंभीर प्रश्न है। संघर्ष समिति ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण और श्रमिक अधिकारों पर हमला एक-दूसरे से जुड़े हुए मुद्दे हैं। श्रम संहिताओं के माध्यम से श्रमिकों के अधिकारों को कमजोर करने और दूसरी ओर सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली कंपनियों सहित महत्वपूर्ण राष्ट्रीय परिसंपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने की नीति का बिजली कर्मचारी विरोध करेंगे।
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शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
