बोवबाजार बम विस्फोट के दोषी रशीद खान की रिहाई पर सुप्रीम कोर्ट की रोक
नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने 1993 के बोवबाजार बम विस्फोट के दोषी मोहम्मद रशीद खान की रिहाई के दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी है। जस्टिस पीके मिश्रा की अध्यक्षता वाली वेकेशन बेंच ने पश्चिम बंगाल सरकार की याचिका पर ये आदेश दिया। कोर्ट ने रशीद खान को नोटिस जारी करने का आदेश दिया।
रशीद खान को दिल्ली उच्च न्यायालय ने रिहा करने और सजा में छूट देने का आदेश दिया था। पश्चिम बंगाल सरकार ने याचिका में कहा है कि रशीद खान इस विस्फोट का मास्टरमाइंड था और इस घटना का समाज पर गंभीर प्रभाव पड़ा था।
दरअसल, 5 जून को दिल्ली उच्च न्यायालय ने रशीद खान को रिहा करने का आदेश दिया था। उच्च न्यायालय ने कहा था कि रशीद खान 33 साल से अधिक समय से जेल में है और उसके आचरण को देखते हुए पुनर्वास के आधार पर रिहा किया जाना उचित है। उच्च न्यायालय ने कहा था कि तीन दशकों से अधिक की सजा के बाद दंड का उद्देश्य पूरा हो चुका है और अगर किसी दूसरे मामले में जरुरी न हो, तो उसे तुरंत रिहा किया जाए। इस मामले में रशीद खान 1993 से जेल में बंद है।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
