कम उम्र से ही योग को अपनाने पर सर्वाधिक लाभ: उपराष्ट्रपति
नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कहा कि योग भारत की शाश्वत और प्राचीन परंपरा है, जो शरीर, मन और आत्मा में पूर्ण सामंजस्य स्थापित करती है। योग का वास्तविक बल इसकी समग्रता में निहित है, जो शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ भावनात्मक संतुलन, मानसिक सुदृढ़ता और सामाजिक जुड़ाव को बढ़ावा देता है। लोगों को कम उम्र से ही योग अपनाने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए क्योंकि जितनी जल्दी इसे शुरू किया जाए, जीवनभर उसके संचयी लाभ उतने ही अधिक मिलते हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का अंग्रेजी अखबार में लिखा लेख साझा किया। 'योगा फॉर हेल्दी एजिंग: एडिंग लाइफ टू इयर्स' शीर्षक वाले इस लेख को साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने देशवासियों से इसे पढ़ने का आग्रह किया और योग के मानव कल्याण पर पड़ने वाले गहरे प्रभाव की सराहना की।
उपराष्ट्रपति ने लेख में आधुनिक शिक्षा और स्वास्थ्य नीतियों का भी विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए लिखा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 में भी योग को स्वास्थ्य, कल्याण और मूल्य आधारित शिक्षा के अभिन्न अंग के रूप में महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है, जो युवाओं को इस प्राचीन पद्धति से जोड़ने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
उपराष्ट्रपति ने बढ़ती उम्र के साथ आने वाली शारीरिक व मानसिक चुनौतियों का सटीक समाधान बताते हुए कहा कि चिकित्सा अनुसंधान और लांसेट जैसी प्रमुख पत्रिकाओं के अध्ययनों से यह सिद्ध हुआ है कि नियमित योग अभ्यास से वरिष्ठ नागरिकों में संतुलन, लचीलापन और गतिशीलता में उल्लेखनीय सुधार होता है, जिससे उनके गिरने का जोखिम और डर काफी हद तक कम हो जाता है। उन्होंने लोगों, समाज और संस्थानों से योग को केवल सामयिक व्यायाम के रूप में न देखकर, इसे जीवनभर की स्वस्थ जीवनशैली और सांस्कृतिक अभ्यास के रूप में अपनाने का आह्वान किया।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
