तकनीक आधारित न्याय व्यवस्था से अपराधियों पर कसेगा शिकंजा: अमित शाह
तीन वर्षों में न्याय, वैज्ञानिक जांच और नागरिक अधिकार सुरक्षा पर सरकार का जोर
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि देश की आपराधिक न्याय प्रणाली को ऐसा प्रभावी और आधुनिक बनाया जा रहा है, जिससे प्रत्येक नागरिक को संविधान प्रदत्त अधिकारों की समयबद्ध सुरक्षा मिल सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि किसी व्यक्ति के शरीर, संपत्ति या सम्मान से जुड़े अधिकारों का उल्लंघन होने के बाद भी वर्षों तक अपराधी को सजा नहीं मिलती, तो ऐसी व्यवस्था न्याय के उद्देश्य को पूरा नहीं कर सकती।
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के सरदार वल्लभभाई पटेल सभागार में आयोजित 26वें अखिल भारतीय फिंगरप्रिंट सम्मेलन-2026 को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि वर्ष 2019 से आपराधिक न्याय प्रणाली में व्यापक सुधारों का अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य कानूनों को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप बनाना, वैज्ञानिक जांच को अनिवार्य करना तथा एफआईआर दर्ज होने से लेकर दोषसिद्धि तक की प्रक्रिया तीन वर्ष के भीतर पूरी करना है।
गृहमंत्री ने कहा कि पहले थानों की भूमिका केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित थी, लेकिन अब उन्हें नागरिकों के अधिकारों की रक्षा और प्रभावी अपराध जांच का केंद्र बनना होगा। उन्होंने राष्ट्रीय स्वचालित फिंगरप्रिंट पहचान प्रणाली (एनएएफआईएस) की सराहना करते हुए कहा कि इससे कई जटिल मामलों का खुलासा हुआ है, हालांकि इसकी पूरी क्षमता का अभी सीमित उपयोग हो रहा है। उन्होंने प्रत्येक अपराध स्थल से फिंगरप्रिंट जुटाकर डेटाबेस को और मजबूत करने पर जोर दिया।
शाह ने कहा कि जांच, अभियोजन और न्यायिक प्रक्रिया में फिंगरप्रिंट, डीएनए, चेहरे की पहचान और टेलीफोन रिकॉर्ड जैसे वैज्ञानिक साक्ष्यों का अधिकतम उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि देश के सभी 17,840 पुलिस थाने सीसीटीएनएस से जुड़ चुके हैं और करोड़ों एफआईआर का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध है।
ये खबर भी पढ़े : पूर्व पार्षद अभिषेक घोसालकर हत्या मामले में कोर्ट ने दो संदिग्धों के पॉलीग्राफ टेस्ट को दी मंजूरीई-कोर्ट, ई-प्रिजन और ई-फॉरेंसिक जैसी डिजिटल प्रणालियां भी न्याय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में एनसीआरबी और फिंगरप्रिंट ब्यूरो की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ने वाली है।
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हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
