उत्पीड़नात्मक  कार्यवाहियां वापस ली जाए:संघर्ष समिति

Published By Shubham Kashyap
On
Shubham Kashyap Picture

लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन द्वारा अवकाश,साप्ताहिक अवकाश तथा त्योहारों के दिनों में भी बिजली कर्मचारियों एवं इंजीनियरों को नियमित रूप से ड्यूटी पर बुलाए जाने की व्यवस्था पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की है। संघर्ष समिति ने कहा है कि यह व्यवस्था कर्मचारियों पर अनावश्यक मानसिक एवं शारीरिक दबाव डालने वाली है तथा इसे तत्काल समाप्त किया जाना चाहिए।
संघर्ष समिति ने यह भी कहा कि विद्युत व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के लिए बड़े पैमाने पर हटाए गए संविदा कर्मियों को तत्काल कार्य पर वापस लिया जाए। साथ ही मार्च 2023 के आंदोलन के फलस्वरूप नियमित कर्मचारियों एवं इंजीनियरों पर की गई सभी उत्पीड़नात्मक एवं दंडात्मक कार्यवाहियां वापस ली जाएं,जिससे ऊर्जा निगमों में स्वस्थ एवं सकारात्मक कार्य वातावरण स्थापित हो सके। संघर्ष समिति के संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में विद्युत व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए कर्मचारियों को बुलाया जाना स्वाभाविक एवं आवश्यक हो सकता है, किंतु इसे नियमित परंपरा का रूप देना पूरी तरह अनुचित है। वर्तमान में अक्सर यह देखा जा रहा है कि जिस दिन सार्वजनिक अवकाश या त्योहार घोषित किया जाता है, उसी दिन कार्यालय खुले रखने तथा कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के आदेश जारी कर दिए जाते हैं। संघर्ष समिति ने कहा कि ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस, उपभोक्ता सेवा, राजस्व वसूली, मीटरिंग तथा कमर्शियल गतिविधियों के बढ़ते दायित्वों के कारण अवकाश के दिनों में कर्मचारियों को बुलाना एक प्रकार की "फायर-फाइटिंग व्यवस्था" बन गई है। यह किसी भी दृष्टि से स्थायी समाधान नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि सभी स्तरों पर रिक्त पदों को तत्काल भरा जाए तथा बढ़ती उपभोक्ता संख्या के अनुरूप नए पदों का सृजन किया जाए। संघर्ष समिति ने कहा कि प्रबंधन की वर्तमान नीति से बिजली कर्मियों में व्यापक असंतोष व्याप्त है। बिजली कर्मचारियों के भी परिवार हैं और अवकाश एवं साप्ताहिक छुट्टियां ही उनके लिए पारिवारिक एवं सामाजिक दायित्वों के निर्वहन का अवसर होती हैं। त्योहारों पर अन्य नागरिकों की तरह बिजली कर्मियों की भी यह स्वाभाविक अपेक्षा होती है कि वे अपने परिवारजनों के साथ समय व्यतीत कर सकें।

 
 

लेखक के बारे में

Shubham Kashyap Picture

शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।

नवीनतम

स्नातक छात्रों को स्किल ट्रेनिंग देगा कौशल विकास, जुलाई से होगी शुरुआत

लखनऊ। योगी सरकार की मंशा है हर हाथ को काम मिले, जिस पूरा करने का बीड़ा कौशल विकास मिशन...
उत्तर प्रदेश 
स्नातक छात्रों को स्किल ट्रेनिंग देगा कौशल विकास, जुलाई से होगी शुरुआत

तिकुनियां प्रीमियर लीग 20 जून से शुरू।

राकेश यदुवंशी
उत्तर प्रदेश 
तिकुनियां प्रीमियर लीग 20 जून से शुरू।

स्वाद और समृद्धि का प्रतीक आम महोत्सव 3 जुलाई से, वैश्विक स्तर पर होगी ब्रांडिंग

लखनऊ। यहां के प्रसिद्ध आमों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने तथा आम उत्पादको  एवं उद्यमियों को प्रोत्साहित करने...
उत्तर प्रदेश 
स्वाद और समृद्धि का प्रतीक आम महोत्सव 3 जुलाई से, वैश्विक स्तर पर होगी ब्रांडिंग

उत्तर प्रदेश

स्नातक छात्रों को स्किल ट्रेनिंग देगा कौशल विकास, जुलाई से होगी शुरुआत

लखनऊ। योगी सरकार की मंशा है हर हाथ को काम मिले, जिस पूरा करने का बीड़ा कौशल विकास मिशन...
उत्तर प्रदेश 
स्नातक छात्रों को स्किल ट्रेनिंग देगा कौशल विकास, जुलाई से होगी शुरुआत

तिकुनियां प्रीमियर लीग 20 जून से शुरू।

राकेश यदुवंशी
उत्तर प्रदेश 
तिकुनियां प्रीमियर लीग 20 जून से शुरू।

स्वाद और समृद्धि का प्रतीक आम महोत्सव 3 जुलाई से, वैश्विक स्तर पर होगी ब्रांडिंग

लखनऊ। यहां के प्रसिद्ध आमों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने तथा आम उत्पादको  एवं उद्यमियों को प्रोत्साहित करने...
उत्तर प्रदेश 
स्वाद और समृद्धि का प्रतीक आम महोत्सव 3 जुलाई से, वैश्विक स्तर पर होगी ब्रांडिंग