पहले जमीन पर पटका फिर दबाया गला, मौत

प्रेमी के गिरफ्तार होने के बाद सच निकलकर आया सामने

पहले जमीन पर पटका फिर दबाया गला, मौत

  • बोलो, रोज-रोज मांगती थी पैसा, जिससे परेशान होकर उठाया कदम
  • युवती का 16 नवंबर को बंद कमरे में मिला था शव
  • तीन से दोनों के बीच था प्रेम संबंध, छह माह पहले प्रेमी की हो गई थी शादी

लखनऊ । युवती की हत्या करने वाले प्रेमी को थाना कृष्णानगर पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पूछताछ में पुलिस को बताया कि दोनों के बीच तीन साल से प्रेम संबंध था। इसी बीच उसकी छह माह पहले शादी हो गई। जिसकी वजह से उससे छुटकारा चाहता था। युवती आये दिन पैसों की डिमांड करती थी। पैसा न देने मुकदमे में फंसाने की धमकी देती थी। जिसकी वजह से परेशान हो गया और उसकी हत्या कर दी। बताया कि कमरे में गया सबसे पहले उसे जमीन पर पटक दिया फिर गला दबाकर उसे मौत के घाट उतारने के बाद फरार हो गया।

प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि16 नंवबर को चौकी क्षेत्र आजादनगर में एक बंद मकान से बदबू आने की सूचना प्राप्त हुई। मौके पर जाकर देखा गया तो कमरा बाहर से बन्द था जिसके अन्दर से बदबू आ रही थी। कमरे का ताला तोड़कर देखा गया तो महिला का शव बरामद हुआ। जिसके सम्बन्ध में मृतका की बहन रेनू वर्मा पुत्री मथुरा प्रसाद निवासी मवई भान सफीपुर उन्नाव के द्वारा मृतका के शव की शिनाख्त सत्यभामा के रूप में की गयी। थाना कृष्णानगर पर तहरीर दी गयी कि मैं अपनी छोटी बहन नीलम व सत्यभामा के साथ तीनों किराये पर मानक नगर में किराये के मकान में रहकर प्राइवेट नौकरी करते है।13 नंवबर मेरी बहन सत्याभामा गांव से लखनऊ आयी थी और हमारे कमरे पर नहीं पहुंची हमने काफी तलाश किया लेकिन कुछ पता नहीं चला।

17 नवंबर को हमे सूचना मिली कि मेरी बहन सत्यभामा का शव दामोदर नगर में एक बन्द कमरे में मिला। इस सूचना पर मैं अपने बहने के साथ नीलम मौके पर गयी जहां पर मेरी बहन का शव मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजने के बाद प्राप्त तहरीर के आधार पर मुमताज पुत्र स्व. भट्ट निवासी ग्राम बभनान मवई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। अभियुक्तों को लगातार पुलिस तलाश कर रही थी। सोमवार को अभियुक्ता मुमताज को बाराबिरवा चौराहा के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार हत्यारोपी ने बताया कि उसका पिदले तीन सालों से सत्याभामा से प्रेम संबंध था। सत्याभामा उर्फ सत्या अक्सर उससे पैसा मांगती रहती थी और न देने पर लड़ाई झगड़ा करके झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देती थी। हम दोनों के 11 नवंबर को कमरा लेने के बाद सत्यभामा अपने घर उन्नाव चली गयी थी और वह लखनऊ में रह रहा था। 13 नवंबर को सुबह करीब  10.30 बजे के आस-पास वह कमरे में मेरे पास आयी। 20 हजार रुपये मांगा।

मैने मना किया कि मेरे पास इतने रुपए नहीं है ना ही दे पाऊगा तो उसने मुझे झूठे मुकदमे और मेरे घर पर बताने की धमकी दी। जिससे मैं डर गया और छुटकारा पाने के लिए सत्यभामा को फर्श पर पटक दिया और दोनों हाथ से ग ला दबा दिया था । जिससे वह मौके पर ही मर गई थी। उसके बाद वह सत्यभामा का मोबाइल लेकर ताला बाहर से बन्द करके भाग गया था तथा मोबाइल साथ में ही ले गया और मोबाइल स्विच आफ कर दिया।

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