मावठे के बाद छाया घना कोहरा, गेहूं की फसल के लिए बहुत ही फायदेमंद : डा. मलिक

मावठे के बाद छाया घना कोहरा, गेहूं की फसल के लिए बहुत ही फायदेमंद : डा. मलिक

रतलाम। जिले में हुए मावठे की बारिश से फसलों को बहुत ही लाभ पहुंचा है। कृषि विशेषज्ञ डा. महावीर सिंह मलिक ने बताया कि थोड़े समय तक पढऩे वाले कोहरे का फसलों पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ता, लेकिन, कोहरा ज्यादा दिनों तक छाया रहता है तो उससे पौधे की आंतरिक क्रियाएं प्रभावित होने लगती हैं। यह घना कोहरा गेहूं की फसल के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इससे फसल अच्छा फुटाव करती है। किसान को पानी की कम जरूरत पड़ती है। कोहरा लगातार कई दिनों तक छाया रहने और हवा में ज्यादा नमीं से सरसों, सिगरी, आलू, धनिया आदि फसलों को नुकसान हो सकता है। क्योंकि इन फसलों में चेपा कीट व रतवा रोग, मटर में सफेद चूर्ण रोग, आलू में झुलसा रोग बढऩे की संभावना हो जाती है।

कोहरा होने के कारण मधुमक्खियां फसलों पर नहीं पहुंच पाती हैं, जिसके कारण सरसों, मटर, सिगरी आदि फसलों में परागण ठीक से नहीं हो पाता है। इससे फलियों में दाने कम बनते हैं। भूमि से पौधे पोषक तत्व व पानी लेकर अपनी पत्तियों या हरे भाग द्वारा निश्चित अवधि तक धूप मिलने पर हवा से कार्बन-डाइआक्साइड लेकर अपना मुख्य भोजन कार्बोहाइड्रेट, वसा, प्रोटीन, विटामिन आदि का निर्माण करते हैं।

यह क्रिया प्रकाश संश्लेषण क्रिया कहलाती हैं
ज्यादा दिनों तक कोहरा पढऩे से फसलों व पौधों की प्रकाश संश्लेषण प्रक्रिया बाधित होने लगती है, जिससे फसलों में हल्का पीलापन, कमजोर, कीट व रोग बढऩे से उत्पादन पर भी असर पढऩे की संभावना बढ़ जाती है। घना कोहरा छाया रहने से गेहूं की फसल को फायदा और अन्य फसलों में विपरीत प्रभाव पड़ता है। यदि गेहूं की फसल में पीलापन आ जाए तो मौसम साफ होने पर तीन प्रतिशत यूरिया को पानी में घोलकर छिडक़ाव करना चाहिए। पाले के नुकसान से बचाने के लिए किसानों ने फसलों की हल्की सिंचाई करनी शुरू कर दी है।

किसान गंधक के तेजाब का छिडक़ाव करें
कृषि विज्ञान केंद्र जावरा कालूखेड़ा अधिकारी डा.सीआर कांटवा ने बताया कि बचाव के लिए किसान गंधक के तेजाब का छिडक़ाव करें। इससे फसल के आसपास के वातावरण का तापमान बढ़ जाता है। साथ ही पपीते जैसे बागवानी फसलों पर भी पाले का असर पड़ता है, इसलिए प्लास्टिक की शीट से पौधे को ढकने पर अंदर का तापमान बढ़ता ही है। तापमान गिरने की वजह से फसलों में फफूंदजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, आलू की फसल में झुलसा की समस्या हो सकती है और सरसों में ब्लाइट की समस्या हो सकती है। इससे बचाव के लिए मैंकोजेब कार्बेंडाजिम के छिडक़ाव कर फसलों को बचाया जा सकता है।

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