गया : जिले में फिलहाल वर्षा का बुरा हाल बना हुआ है। जिला कृषि कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार अब तक जिले में औसतन 36 मिलीमीटर वर्षा हुई है। मई महीने में 19.1 मिलीमीटर एवं जून महीने में अभी तक 17.6 मिलीमीटर वर्षा हुई है। जबकि पिछले वर्ष मई और जून महीने में 501 मिलीमीटर वर्षा हुई थी। वर्षा कम होने के कारण किसान खेतों में धान का बिचड़ा नहीं डाल रहे है। क्योंकि बिचड़ा डालने के लिए खेतों में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं है। जिला कृषि पदाधिकारी सुदामा महतो का कहना है कि लक्ष्य से काफी कम मात्रा में किसान खेतों में बिचड़ा डाले है। अभी तक 2215 हेक्टेयर खेतों में बिचड़ा डाला गया है। जबकि जिले में बिचड़ा डालने का लक्ष्य 18184 हेक्टेयर खेतों में है। जिले में अभी तक मात्रा 12 प्रतिशत ही धान का बिचड़ा खेतों में डाला गया है, चिता का विषय है। क्योंकि खेतों में बिचड़़ा डालने का समय 12 दिन शेष रह गया है।

सबसे अधिक कोंच प्रखंड में डाला गया बिचड़ा

जिले में 24 प्रखंड में सबसे अधिक कोंच प्रखंड में धान का बिचड़ा डाला गया। कोंच प्रखंड में 195 हेक्टेयर खेतों पर बिचड़ा डाला गया है। जबकि नगर प्रखंड में 98 हेक्टेयर, मानपुर में 66 हेक्टेयर, खिजरसराय में 55 हेक्टेयर, फतेहपुर में 105 हेक्टेयर, टनकुप्पा में 45 हेक्टेयर, अतरी में 43 हेक्टेयर, मोहड़ा में 58 हेक्टेयर, बथानी में 52 हेक्टेयर, बेलागंज में 154 हेक्टेयर, टिकारी में 158 हेक्टेयर, गुरारू में 158 हेक्टेयर, परैया में 86 हेक्टेयर, गुरुआ में 143 हेक्टेयर, बोधगया में 142 हेक्टेयर, मोहनपुर में 96 हेक्टेयर, बाराचट्टी में 68 हेक्टेयर, डोभी में 75 हेक्टेयर, शेरघाटी में 45 हेक्टेयर, आमस में 38 हेक्टेयर, बांकेबाजार में 58 हेक्टेयर, इमामगंज में 95 हेक्टेयर एवं डुमरिया में 56 हेक्टेयर जमीन पर बिचड़ा डाला गया है।

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वर्षा नहीं होने से किसानों को चिता

धान का बिचड़ा डालने के दो नक्षत्र रोहणी और मृगविसरा समाप्त हो गया है। आद्रा नक्षत्र भी 12 दिन रह गया है। ऐसे में वर्षा नहीं होने से किसानों को चिता बढ़ा दिया है। बेलागंज प्रखंड के किसान शंभू शर्मा का कहना है कि वर्षा नहीं होने के कारण धान का बिचड़ा खेतों में डाल नहीं रहे है। वर्षा के इंतजार में दो नक्षत्र समाप्त हो गया। अगर आद्रा में वर्षा नहीं हुई तो सुखाड़ का साया मंड़राने लगेगा।